कहा, लोगों के उपचार में कोताही नहीं की जाएगी बर्दाश्त पंचकूला नागरिक अस्पताल का आरती सिंह राव ने किया औचक निरीक्षण सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी
कहा, लोगों के उपचार में कोताही नहीं की जाएगी बर्दाश्त पंचकूला नागरिक अस्पताल का आरती सिंह राव ने किया औचक निरीक्षण सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बुधवार को सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल पंचकूला का औचक निरीक्षण किया और विभिन्न वार्डों का दौरा कर वहां इलाज के लिए आए मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य विभाग और सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की इमरजेंसी, लेबर रूम, एनआईसीयू वार्ड, ओपीडी, आईसीयू, ईएनटी, ऑर्थोपेडिक विभाग सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर इलाज, दवाइयों और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। अधिकांश मरीजों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के व्यवहार तथा सेवाओं को लेकर संतोष व्यक्त किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में स्थित प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत संचालित जनऔषधि केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध दवाइयों की जानकारी ली। उन्होंने अपने स्टाफ को अलग-अलग काउंटरों पर भेजकर दवाओं की उपलब्धता की जांच करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल की सफाई व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर संतुष्ट नजर नहीं आईं। उन्होंने पाया कि अस्पताल में करीब 16 से 17 सफाई कर्मचारी तैनात होने के बावजूद उनके कार्यस्थल और ड्यूटी का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए और कहा कि भविष्य में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इसे पीपीपी मोड पर देने पर भी विचार किया जा रहा है।
आरती सिंह ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि गर्मियों को देखते हुए अस्पताल में एयर कंडीशनिंग व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिला वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया और कहा कि अस्पताल में महिला मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि महिला वार्ड सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की जाए ताकि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की नर्सरी (नवजात शिशु वार्ड) का भी निरीक्षण किया और वहां भर्ती बच्चों की देखभाल की व्यवस्था को देखा। इस दौरान उन्होंने एक नवजात बच्चे को गोद में लेकर उसे आशीर्वाद दिया और वहां कार्यरत डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ के कार्य की सराहना करते हुए उनके प्रयासों पर संतोष जताया।
निरीक्षण के दौरान कुछ मरीजों द्वारा अस्पताल से बाहर की दवाइयां लिखे जाने की शिकायत भी स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में लाई गई । इस पर उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन डॉक्टरों को तलब किया और अस्पताल प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि मरीजों को उपलब्ध दवाइयां अस्पताल से ही प्रदान की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना उचित कारण मरीजों को बाहर से दवा लिखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अस्पताल की इमारत से संबंधित समस्याओं पर उन्होंने कहा कि कुछ वार्डों में छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा से अनुरोध करके जल्द ही मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। उन्होंने अस्पताल की नई इमारत में जल्द से जल्द सेवाएं शुरू करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में तैनात सफाई कर्मचारियों की विस्तृत सूची भी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे मरीजों की जांच और उपचार पूरी ईमानदारी से करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों के स्वास्थ्य की जांच और उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ मनीष बंसल, सिविल सर्जन डॉ मुक्ता कुमार सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों के डॉक्टर और अधिकारी मौजूद रहे।
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