राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान तैनात, 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए कोई भी नहीं
राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान तैनात, 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए कोई भी नहीं
खबर खास, नालंदा (बिहार) :
बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मचने से आठ महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई। इनमें से आठों महिलाओं की भीड़ में दबने से मौत हुई जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। क्योंकि वहां मेला भी लगा था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। आज, नालंदा विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में शामिल होने राष्ट्रपति शामिल होने पहुंची थीं। उनकी सुरक्षा में आठ जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया जबकि मंदिर में जुटी हजारों की भीड़ के लिए एक भी पुलिस कर्मी की तैनाती नहीं की गई।
बताया जा रहा है कि दर्शन करने की जल्दबाजी में धक्का-मुक्की मच गई और इसी अफरातफरी में कई लोग भीड़ में दब गए। इस हादसे में बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मंदिर और मेले को बंद करवा दिया गया।
हादसे के बाद पटना कमिश्नर को बिहार शरीफ भेजा गया है। सीएम ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। दीपनगर थाने के एसएचओक राजमणि को सस्पेंड कर दिया गया है। सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 6 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। वही केंद्र सरकार ने 2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है। मृतकों में रीता देवी (50), कांति देवी (50), आशा देवी (65), देवंती देवी (35), अनुष्का देवी (40), रेखा देवी (45) शामिल हैं। मृतकों में छह नालंदा, एक पंटना और एक नवादा के रहने वाले शामिल है जबकि एक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है।
चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के चलते पटना व उसके आसपास के इलाकों से भी हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे। जिसके चलते भीड़ बहुत बढ़ गई क्योंकि मंदिर परिसर छोटा था। इस भीड़ को नियंत्रित करने के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। पहले दर्शन की होड़ में भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान कई लोग भीड़ के नीचे दब गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस और एंबुलेंस को पहुंचने में भी देर हुई।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि मंदिर में में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। मंदिर के अंदर भारी भीड़ थी। पुलिस का जवान अंदर तैनात नहीं था। भीड़ को डायवर्ट करने या दो लाइनों में बांटने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मंदिर के पुजारी ही जल्दी-जल्दी दर्शन कर निकलने को कह रहे थे। इस बीच एक महिला को चक्कर आ गया, जिससे वो वहीं गिर पड़ी। कुछ लोग उसे संभालने लगे, और भीड़ को पीछे करने की कोशिश की। इस दौरान भगदड़ मच गई।
एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि भगदड़ के बाद कई महिलाएं बेहोश पड़ीं थीं। कुछ दर्द से चिल्ला रहीं थीं। लोगों ने पुलिस को खबर की। पहले 2-3 पुलिस वाले पहुंचे। उनके साथ मिलकर श्रद्धालुओं ने घायल महिलाओं को किनारे लिटाया। कई बार एंबुलेंस के लिए फोन किया गया। घटना के करीबब 40 मिनट बाद पहली एंबुलेंस पहुंची और पुलिस के कुछ अफसर भी आए। इसके बाद घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। महिलाओं को उठाते समय ही लग रहा था कि उनमें से कुछ की मौत हो गई है।
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