तोक्यो के पूर्वी इलाकों में रातभर मूसलाधार बारिश से जलभराव, घर-गाड़ियां डूबीं और रेल सेवाएं प्रभावित; 4 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया
तोक्यो के पूर्वी इलाकों में रातभर मूसलाधार बारिश से जलभराव, घर-गाड़ियां डूबीं और रेल सेवाएं प्रभावित; 4 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया
जापान के तोक्यो के पूर्वी इलाकों में रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। चिबा प्रांत में बाढ़ और जलभराव के कारण कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। बाढ़ का पानी सड़कों और घरों में घुस गया, कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और हजारों लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने शुक्रवार सुबह बारिश की तीव्रता कम होने के बाद चिबा प्रांत के 12 से अधिक नगर निकायों के लिए जारी भारी बारिश की सबसे गंभीर चेतावनी का स्तर घटा दिया। हालांकि, मौसम विभाग ने दिन में दोबारा तेज बारिश होने की आशंका जताई है, जिससे प्रशासन की चिंता अभी भी बनी हुई है।
सुबह सामने आई तस्वीरों और समाचार चैनलों पर प्रसारित वीडियो में बाढ़ की भयावह स्थिति दिखाई दी। कई घर और वाहन पानी में डूबे नजर आए, जबकि रेल पटरियों पर भी पानी भर गया। हालात बिगड़ने के बाद ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने राहत अभियान तेज किया और सोगा रेलवे स्टेशन पर फंसे करीब 4,000 लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बसें भेजीं।
सोगा रेलवे स्टेशन स्थानीय रेल नेटवर्क पर स्थित है और यह तोक्यो के डिज्नी क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है। हालांकि, थीम पार्क को किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं, तोक्यो क्षेत्र के नारिता हवाई अड्डे पर रातभर फंसे हजारों यात्रियों को शुक्रवार सुबह धीरे-धीरे बाहर निकलने का मौका मिला, क्योंकि ट्रेन सेवाएं देरी के साथ आंशिक रूप से बहाल कर दी गईं।
चिबा प्रांत की एक सरकारी इमारत में भी सैकड़ों लोगों ने रात गुजारकर शरण ली। प्रांतीय प्रशासन ने पांच लोगों की मौत और एक व्यक्ति के लापता होने की पुष्टि की है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
चिबा के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक 170 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका था, जबकि 300 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों और सार्वजनिक इमारतों में शरण लिए हुए थे। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मूसलाधार बारिश और बाढ़ का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। टेपको पावर ग्रिड के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 18,000 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित थी। हालांकि, इससे पहले बिजली कटौती से प्रभावित घरों की संख्या करीब 68,000 तक पहुंच गई थी। बिजली व्यवस्था को बहाल करने के लिए राहत टीमें लगातार काम कर रही हैं।
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चिबा शहर में केवल एक घंटे के भीतर 11.5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि साकुरा में इसी अवधि में 9.7 सेंटीमीटर बारिश हुई। भारी बारिश के कारण सड़कों, रेलवे और रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। बारिश के दोबारा तेज होने की संभावना के बीच राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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