ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चा माल, गैस और केमिकल महंगे; पॉलीएस्टर डाइंग 10 और कॉटन डाइंग 20 रुपये प्रति किलो महंगी होगी
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चा माल, गैस और केमिकल महंगे; पॉलीएस्टर डाइंग 10 और कॉटन डाइंग 20 रुपये प्रति किलो महंगी होगी
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। लुधियाना की टेक्सटाइल और डाइंग इंडस्ट्री बढ़ती उत्पादन लागत से परेशान है। कच्चे माल, डाई-केमिकल, गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते शहर की विभिन्न डाइंग एसोसिएशनों ने 14 से 20 सितंबर तक डाइंग यूनिटों को बंद रखने का सामूहिक फैसला लिया है।
इसके साथ ही डाइंग के रेट में भी बढ़ोतरी की गई है। अब पॉलीएस्टर डाइंग की दर में 10 रुपये प्रति किलो और कॉटन डाइंग की दर में 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी होगी। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यह फैसला अतिरिक्त मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि लगातार बढ़ रही उत्पादन लागत को संभालने के लिए लिया गया है।
पंजाब डायर्स एसोसिएशन के कमल चौहान और रजनीश गुप्ता के अनुसार, पिछले कुछ समय से डाइंग इंडस्ट्री की लागत लगातार बढ़ रही है। कच्चे माल के साथ-साथ गैस, डाई-केमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों के महंगे होने से कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। उनका कहना है कि तैयार माल की कीमतों में लागत के अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही, जिसके कारण मौजूदा दरों पर उत्पादन करना मुश्किल होता जा रहा है।
विभिन्न डाइंग एसोसिएशनों की संयुक्त बैठक में रेट बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक में तय किया गया कि पॉलीएस्टर डाइंग पर 10 रुपये और कॉटन डाइंग पर 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की जाएगी। उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच यह कदम कारोबार को टिकाऊ बनाए रखने के लिए जरूरी हो गया था।
एसोसिएशनों ने यह भी निर्णय लिया है कि 14 सितंबर से 20 सितंबर तक लुधियाना की डाइंग यूनिटों में उत्पादन पूरी तरह बंद रहेगा। सभी डाइंग कारोबारियों से सामूहिक निर्णय का पालन करने की अपील की गई है। उद्योग प्रतिनिधियों के मुताबिक बिजली, गैस, मजदूरी, केमिकल और अन्य खर्चों में लगातार इजाफा हो रहा है, ऐसे में एक सप्ताह तक उत्पादन रोकना उद्योग के हित में जरूरी समझा गया है।
उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर सिंथेटिक यार्न, डाई-केमिकल और अन्य औद्योगिक उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ा है। उद्योग प्रतिनिधियों ने कुछ किस्म के धागों की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का दावा किया है। इसके अलावा गैस की समस्या के कारण पहले भी डाइंग यूनिटों का काम प्रभावित हुआ था, जिससे उत्पादन लागत पर और दबाव बढ़ा।
डाइंग इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने चिंता जताई है कि अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में जल्द सुधार नहीं हुआ तो टेक्सटाइल उद्योग की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से उद्योग की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
संयुक्त बैठक में पंजाब डायर्स एसोसिएशन की ओर से कमल चौहान, रजनीश गुप्ता, बालाजी डाइंग सहित मोहित महाराजा, रजनीश खन्ना रॉकी, सुभाष सैनी एकता, बावा गुप्ता, बॉबी जिंदल, जी.पी. सिंह, राहुल वर्मा और अजय हांडा समेत कई उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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