फ्लोरेस द्वीप के पास धरती के जोरदार झटकों से इमारतें क्षतिग्रस्त, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे; सुनामी चेतावनी बाद में हटाई गई
फ्लोरेस द्वीप के पास धरती के जोरदार झटकों से इमारतें क्षतिग्रस्त, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे; सुनामी चेतावनी बाद में हटाई गई
इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार तड़के 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। तेज झटकों के कारण कई इमारतें और घर क्षतिग्रस्त हो गए, लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे ईस्ट नुसा तेंगारा प्रांत में एंडे से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में आया। भूकंप की गहराई कम होने के कारण फ्लोरेस के कई हिस्सों में झटके बेहद तेज महसूस किए गए। मुख्य भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।
भूकंप के जोरदार झटकों से घरों और इमारतों को नुकसान पहुंचा। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB के अनुसार, एहतियात के तौर पर नागेकेओ इलाके से करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। शुरुआती आकलन में घरों और सरकारी कार्यालयों समेत करीब 15 इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
USGS के अनुमान के अनुसार, करीब पांच लाख लोग बहुत तेज या गंभीर भूकंपीय झटकों की चपेट में आए। प्रभावित इलाकों से सामने आए दृश्यों में कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचता और लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए। स्थानीय टेलीविजन फुटेज में अस्पतालों से मरीजों को भी एहतियात के तौर पर बाहर निकालते हुए दिखाया गया।
भूकंप के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी तुरंत सुरक्षा व्यवस्था संभाली। अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीजों के बेड, IV स्टैंड, ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरणों को इमारतों से बाहर निकालकर खुले स्थानों पर अस्थायी उपचार व्यवस्था तैयार की। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लेते रहे।
समुद्र के नीचे आए इस शक्तिशाली भूकंप के बाद अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर सुनामी की चेतावनी जारी की थी। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। हालांकि, बाद में निगरानी के दौरान सुनामी लहरों का खतरा नहीं पाए जाने पर चेतावनी वापस ले ली गई।
भूकंप के बाद भी कई इलाकों में आफ्टरशॉक्स महसूस किए जाते रहे। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के साथ राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
इंडोनेशिया भूकंप के लिहाज से दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। देश ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है, जहां भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधियां लगातार होती रहती हैं। फ्लोरेस द्वीप इससे पहले भी बड़े भूकंप और सुनामी की त्रासदी झेल चुका है। वर्ष 1992 में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें करीब 2,500 लोगों की जान गई थी।
शनिवार के भूकंप के बाद प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना, क्षतिग्रस्त इलाकों में राहत पहुंचाना और लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के बीच बचाव अभियान को सुरक्षित तरीके से जारी रखना है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0