500 से अधिक युवाओं और बच्चों ने भाग लिया, नेताओं ने दस्तार को सिख पहचान, गौरव और जिम्मेदारी का प्रतीक बताया
500 से अधिक युवाओं और बच्चों ने भाग लिया, नेताओं ने दस्तार को सिख पहचान, गौरव और जिम्मेदारी का प्रतीक बताया
ख़बर ख़ास, पंजाब :
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल के दिशा-निर्देशों और युवा अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सरबजीत सिंह झिंजर के नेतृत्व में लोहड़ी और माघी को समर्पित ‘मेरी दस्तार मेरी शान’ अभियान के तहत गुरुद्वारा श्री नथाणा साहिब, जंड मंघोली (घनौर) में दो दिवसीय विशेष दस्तार कैंप का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कैंप में बड़ी संख्या में संगत, विशेषकर युवा वर्ग ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कैंप का उद्घाटन एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार जसमेर सिंह लाछड़ू ने किया, जबकि समापन दिवस पर पलविंदर सिंह तलवाड़ा और युवा अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर की पत्नी बीबी परविंदर कौर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दो दिनों तक चले इस कैंप में 500 से अधिक युवाओं और बच्चों ने गर्व के साथ दस्तार सजाई।
दस्तार बांधने में निपुण सेवादारों ने प्रतिभागियों को सिख परंपरा के अनुसार दस्तार बांधने की विधि सिखाई और इसके आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी। कैंप का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सिख मूल्यों, अनुशासन और पहचान से जोड़ना रहा। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और युवा अकाली दल की इस पहल की सराहना की गई।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए जत्थेदार जसमेर सिंह लाछड़ू ने कहा कि ‘मेरी दस्तार मेरी शान’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं के मन में सिखी की सच्ची भावना को जागृत करने वाली एक मजबूत मुहिम है। उन्होंने कहा कि सरदार सुखबीर सिंह बादल के विज़न के अनुसार युवा अकाली दल का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को सिख धर्म, इतिहास, संस्कृति और उच्च नैतिक मूल्यों से जोड़ना है।
उन्होंने आगे कहा कि दस्तार केवल कपड़ा नहीं, बल्कि सिख सम्मान, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है, जो गुरुओं की महान देन है। इसकी रक्षा और सम्मान करना हर सिख का कर्तव्य है। लाछड़ू ने यह भी कहा कि शिरोमणि अकाली दल सिख पंथ के प्रति पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है और इसके कार्यकर्ता सिखी के लिए समर्पित हैं।
पलविंदर सिंह तलवाड़ा ने युवाओं से अपील की कि वे दस्तार धारण कर, सिख मर्यादा अपनाकर और गुरुओं की शिक्षाओं पर चलकर समाज के लिए आदर्श बनें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में पंजाब के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के और भी दस्तार कैंप तथा धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।
अंत में जत्थेदार जसमेर सिंह लाछड़ू ने दो दिवसीय कैंप को सफल बनाने के लिए युवा अकाली दल की पूरी टीम और सभी सेवादारों का दिल से धन्यवाद किया और इसे सामूहिक मेहनत व सेवा का परिणाम बताया।
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