भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग पर होगी अहम चर्चा
भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग पर होगी अहम चर्चा
ख़बर ख़ास , देश :
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे भारतीय नेतृत्व के साथ भारत-यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
यूएई राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संबंधों में आई तीव्र गिरावट, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच बढ़ते तनाव तथा गाजा में अस्थिर राजनीतिक हालात की पृष्ठभूमि में काफी अहम मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि इन क्षेत्रीय घटनाक्रमों का असर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है, ऐसे में भारत और यूएई के बीच समन्वय और सहयोग और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की इस यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की संयुक्त पहलों पर व्यापक बातचीत होने की संभावना है। दोनों देशों के नेता द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
यह यूएई राष्ट्रपति का शीर्ष पद संभालने के बाद भारत का तीसरा आधिकारिक दौरा होगा, जबकि पिछले दस वर्षों में यह उनका भारत का पांचवां दौरा है। इससे पहले भी दोनों देशों के नेताओं के बीच लगातार उच्चस्तरीय संपर्क बना रहा है, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी है।
गौरतलब है कि भारत और यूएई के बीच वर्ष 2022 में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) हुआ था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और लोगों के आपसी संपर्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस समझौते से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिला, बल्कि निवेश, स्टार्टअप्स और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते भी खुले हैं।
विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को दोनों देशों के लिए अहम बताते हुए कहा है कि यह दौरा भारत और यूएई के बीच नई संभावनाओं को तलाशने और आपसी सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरे से भारत-यूएई संबंधों को और गति मिलेगी और दोनों देश क्षेत्रीय व वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे।
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