आपदा की आड़ में लोकतंत्र से खिलवाड़: पंचायत चुनावों पर घेरा ऊना पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष का हुआ भव्य स्वागत
आपदा की आड़ में लोकतंत्र से खिलवाड़: पंचायत चुनावों पर घेरा ऊना पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष का हुआ भव्य स्वागत
खबर खास, ऊना :
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज ऊना प्रवास के दौरान प्रदेश की सुक्खू सरकार के विरुद्ध तीखा हमला बोला। अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए ठाकुर ने सरकार को कानून-व्यवस्था, आर्थिक कुप्रबंधन और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन जैसे मुद्दों पर जमकर घेरा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में आज "सुख की सरकार" के नारे के विपरीत कोई भी सुखी नहीं है और चारों ओर व्याप्त अराजकता "व्यवस्था पतन" की गवाही दे रही है। ऊना पार्टी आफिस में आयोजित प्रेस वार्ता की शुरुआत में जयराम ठाकुर ने मानवीय संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हाल ही में हुए दर्दनाक हादसों पर गहरा शोक प्रकट किया।
उन्होंने ऊना के दौलतपुर में एक ही सड़क दुर्घटना में परिवार के चार सदस्यों की मृत्यु को अत्यंत हृदयविदारक बताया। ठाकुर ने कहा कि पूरी भाजपा इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है। इसके साथ ही, उन्होंने सिरमौर के हरिपुर धार में हुए बस हादसे पर चिंता जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन दोनों हादसों के प्रभावितों को तत्काल पर्याप्त आर्थिक सहायता और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज अपने इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, "सरकार प्रदेश को विकास की राह पर ले जाने के बजाय केवल भारी-भरकम कर्ज ले रही है। यह कर्ज विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि सरकार की अपनी सुख-सुविधाओं और फिजूलखर्ची पर व्यय हो रहा है, जो राज्य के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है।"
युवाओं के मुद्दे पर ठाकुर ने सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले 5 लाख नौकरियों का सब्जबाग दिखाने वाली कांग्रेस आज युवाओं को भूल चुकी है। भर्ती प्रक्रियाएं पूरी तरह ठप हैं और प्रदेश का शिक्षित युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को विवश है। वहीं, कर्मचारियों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार कर्मचारियों को अपने जायज डीए और एरियर के लिए अदालतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
नशे का जाल और प्रतिशोध की राजनीति
जयराम ठाकुर ने सीमावर्ती जिलों में बढ़ते 'चिट्टे' (सिंथेटिक ड्रग्स) के व्यापार पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की ढुलमुल नीतियों के कारण नई पीढ़ी नशे की गर्त में जा रही है और पुलिस तंत्र मूकदर्शक बना हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा सरकार के समय जनहित में खोले गए संस्थानों को बंद करने के निर्णय को "प्रतिशोध की राजनीति" का निकृष्ट उदाहरण बताया।
प्रेस वार्ता के बाद, जयराम ठाकुर ने ऊना स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पंचायती राज प्रकोष्ठ एवं प्रतिनिधियों की बैठक की अध्यक्षता की। यहाँ उन्होंने सरकार पर और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू सरकार 'आपदा प्रबंधन अधिनियम' का बहाना बनाकर जानबूझकर पंचायत और स्थानीय निकायों के चुनावों को टाल रही है। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि एक तरफ सरकार आपदा का हवाला देकर चुनाव नहीं करवा रही, वहीं दूसरी ओर अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने का जश्न मना रही है और बड़े-बड़े मेलों का आयोजन कर रही है। यह सरकार की दोहरी नीति और लोकतंत्र के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।"
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