रॉटरडैम में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद ओलंपिक में पदक जीतने का लक्ष्य
रॉटरडैम में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद ओलंपिक में पदक जीतने का लक्ष्य
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भारत के उभरते लंबी दूरी के धावक सावन बरवाल ने रॉटरडैम मैराथन 2026 में अपने शानदार डेब्यू के साथ इतिहास रच दिया। उन्होंने 2:11:58 का समय निकालते हुए 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो शिवनाथ सिंह ने 1978 में बनाया था। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के जोगिंदर नगर से आने वाले 27 वर्षीय बरवाल ने बताया कि फिनिश लाइन पार करते समय उन्हें अपने रिकॉर्ड के बारे में कोई अंदाजा नहीं था। वे पूरी तरह थक चुके थे और उनका एकमात्र लक्ष्य रेस को पूरा करना था। कुछ समय बाद ही उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो उनके लिए गर्व का क्षण था।
यह रेस आसान नहीं थी। ठंडी हवा और कठिन मौसम ने खासकर आखिरी किलोमीटर में उन्हें बुरी तरह चुनौती दी। खुद को ठंडा रखने के लिए पानी डालने के बाद उनके शरीर ने अलग प्रतिक्रिया दी, जिससे उन्हें चक्कर और संतुलन खोने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और मानसिक मजबूती के दम पर रेस पूरी की।
बरवाल ने 1500 मीटर और 5000 मीटर जैसे ट्रैक इवेंट्स से मैराथन में कदम रखा है। उन्होंने बताया कि यह बदलाव आसान नहीं होता, क्योंकि मैराथन में गति से ज्यादा धैर्य और सहनशक्ति की जरूरत होती है। उनका यह फैसला धीरे-धीरे अनुभव और कोचिंग के आधार पर लिया गया।
अब उनका अगला लक्ष्य 2028 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक है। वे लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए भारत का प्रतिनिधित्व करना और बेहतर परिणाम हासिल करना चाहते हैं।
बरवाल का मानना है कि आज बेहतर ट्रेनिंग, सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र के कारण भारतीय एथलीट नए रिकॉर्ड बना पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड उनके सफर की शुरुआत है और वे आगे और बड़ी उपलब्धियां हासिल करना चाहते हैं।
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