माता मनसा देवी गौधाम में गौपूजन, चारा वितरण और शिव मंदिर मार्ग के नवीनीकरण के लिए ₹20 लाख की घोषणा
माता मनसा देवी गौधाम में गौपूजन, चारा वितरण और शिव मंदिर मार्ग के नवीनीकरण के लिए ₹20 लाख की घोषणा
ख़बर ख़ास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के सीएम सैनी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर गौ माता की सेवा के संकल्प को और सुदृढ़ करते हुए माता मनसा देवी गौधाम में आयोजित कार्यक्रम में जिला की 14 गौशालाओं के लिए 1 करोड़ 22 लाख 46 हजार रुपये की चारा अनुदान राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने जनकल्याण और धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम से पूर्व सीएम सैनी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी के साथ माता मनसा देवी गौधाम में गौ सेवा की। उन्होंने गौ माता को चारा और गुड़ खिलाकर आशीर्वाद लिया तथा विधिवत गौपूजन भी किया। इसके साथ ही सीएम सैनी ने सकेतड़ी की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर तक जाने वाले कच्चे रास्ते के सुदृढ़ीकरण व नवीनीकरण के लिए 20 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि भारत में गाय को आदिकाल से पूजनीय माना गया है और उसे माता का दर्जा प्राप्त है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। इसी महत्व को देखते हुए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा गौशालाओं की स्थापना की गई है। वर्तमान सरकार भी गौवंश संरक्षण, गौशालाओं के विकास और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में पंजीकृत गौशालाओं को चारे के लिए लगभग 270 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। वर्ष 2014-15 में हरियाणा गौसेवा आयोग का बजट मात्र 2 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर चालू वित्त वर्ष में 595 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सीएम सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 तक प्रदेश में 215 पंजीकृत गौशालाएं थीं, जिनमें लगभग 1 लाख 75 हजार गौवंश था, जबकि वर्तमान में 686 पंजीकृत गौशालाएं हैं, जहां करीब 4 लाख बेसहारा गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। 330 गौशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए जा चुके हैं और शेष में भी शीघ्र यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अलावा गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जा रही है और नई गौशालाओं को भूमि रजिस्ट्री पर किसी प्रकार की स्टांप ड्यूटी नहीं देनी पड़ती।
उन्होंने बताया कि गौवंश के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए पशु चिकित्सकों और मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त करना है और इस दिशा में गौ अभ्यारण्यों की स्थापना तथा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
इस अवसर पर हरियाणा गौसेवा आयोग के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गौशालाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गौभक्त उपस्थित रहे।
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