एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए भारतीय खिलाड़ी ने जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया; ग्रुप में शीर्ष रहकर बनाई सेमीफाइनल में जगह, जीतते ही टेकबॉल में भारत का पहला पदक होगा पक्का
एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए भारतीय खिलाड़ी ने जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया; ग्रुप में शीर्ष रहकर बनाई सेमीफाइनल में जगह, जीतते ही टेकबॉल में भारत का पहला पदक होगा पक्का
खबर खास | खेल
एशियाई खेलों में भारत की 24 वर्षीय क्विम्सी जोआकिम डिसूजा ने टेकबॉल में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचने की ओर कदम बढ़ा दिया है। महिला एकल स्पर्धा में क्विम्सी ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है और अब वह इस खेल में भारत के लिए पहला ऐतिहासिक पदक पक्का करने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआती मुकाबलों में शानदार खेल दिखाते हुए अपनी दावेदारी मजबूत की।
जापान की शीर्ष वरीय खिलाड़ी को हराकर किया बड़ा उलटफेर
नागोया सिटी हिगाशी स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए ग्रुप ए के पहले मुकाबले में क्विम्सी का सामना जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त युइना सकामोटो से हुआ। भारतीय खिलाड़ी ने 43 मिनट तक चले कड़े मुकाबले में सकामोटो को 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। क्विम्सी ने यह मुकाबला 10-12, 12-11, 13-11 के स्कोर से अपने नाम किया।
दूसरे मैच में भी दबदबा, ग्रुप में हासिल किया पहला स्थान
पहले मैच की जीत के बाद क्विम्सी ने दूसरे मुकाबले में भी अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने कंबोडिया की कोएमयेन डीवाई को महज 24 मिनट में 2-0 से हराया। भारतीय खिलाड़ी ने दोनों सेट 12-9 और 12-7 से अपने नाम किए। लगातार दो जीत के साथ क्विम्सी अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहीं और सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।
क्वार्टर फाइनल नहीं खेलना पड़ा
ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करने का फायदा क्विम्सी को अगले दौर में भी मिला। उन्हें बाइ मिलने के कारण क्वार्टर फाइनल मुकाबला नहीं खेलना पड़ा। अब शनिवार को सेमीफाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया की सुमाया से होगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज करते ही टेकबॉल में भारत का पहला पदक पक्का हो जाएगा।
हार के बाद भी पदक का एक और मौका
सेमीफाइनल मुकाबले में अगर क्विम्सी को हार का सामना करना पड़ता है, तो भी उनकी पदक की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं होगी। उन्हें प्लेऑफ के जरिए पदक हासिल करने का एक और मौका मिलेगा। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी के पास एशियाई खेलों के अपने पदार्पण को यादगार बनाने का अवसर है।
पहली बार एशियाई खेलों में शामिल हुआ टेकबॉल
टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। यह खेल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण माना जाता है। इसका आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित हुई थी।
इस खेल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर शरीर के लगभग हर हिस्से का इस्तेमाल करते हैं। मानक आकार की फुटबॉल को पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार मेज पर उछालते हुए अंक हासिल किए जाते हैं। अब क्विम्सी की नजर सेमीफाइनल जीतकर भारत के लिए इस नए खेल में ऐतिहासिक पदक हासिल करने पर है।
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