कंपनियों के जरिए कथित ड्रग मनी पहुंचाने का एजेंसी का आरोप; अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह पर साधा निशाना, कहा—अब मजीठिया के साथ मिलकर गुजरात से लाए गए नशे को पंजाब में बेचना चाहते हैं अमित शाह
कंपनियों के जरिए कथित ड्रग मनी पहुंचाने का एजेंसी का आरोप; अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह पर साधा निशाना, कहा—अब मजीठिया के साथ मिलकर गुजरात से लाए गए नशे को पंजाब में बेचना चाहते हैं अमित शाह
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में 40 हजार पन्नों की विशाल पूरक चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में 700 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेन-देन की जांच की गई है। वहीं, कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़े 736 करोड़ रुपये की रकम भी जांच के दायरे में है।
विजिलेंस टीम चार्जशीट को ट्रंकों में भरकर अदालत पहुंची। बताया जा रहा है कि दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और मजीठिया की संपत्तियों तथा वित्तीय गतिविधियों की जांच के दौरान दर्ज किए गए गवाहों के बयानों का विवरण शामिल है।
जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, कथित तौर पर नशा तस्करी से जुड़ी रकम मजीठिया से संबंधित कंपनियों के बैंक खातों में जमा कराई गई। एजेंसी ने पूर्व मंत्री के अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करों से संबंध होने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों को अभी तक अदालत ने तथ्यों के रूप में प्रमाणित नहीं किया है और मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
यह नई चार्जशीट विजिलेंस ब्यूरो की ओर से अगस्त 2025 में दाखिल की गई पिछली चार्जशीट के बाद पेश की गई है। जांच के दौरान 2007 से 2017 के बीच मजीठिया से जुड़ी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। विभिन्न रिपोर्टों में कथित आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से संबंधित रकम 540 करोड़ रुपये से लेकर 700 करोड़ रुपये से अधिक तक बताई गई है।
जून 2025 में दर्ज हुई थी एफआईआर
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून 2025 को मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर नंबर 22 दर्ज की थी। इसी दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मोहाली की अदालत ने 18 अगस्त 2025 को उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने 22 अगस्त 2025 को मोहाली अदालत में लगभग 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 4 दिसंबर 2025 को मजीठिया की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया।
2 फरवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने मजीठिया को नियमित जमानत दे दी। उस समय वह लगभग सात महीने न्यायिक हिरासत में बिता चुके थे। जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
मजीठिया को लेकर केजरीवाल ने अमित शाह पर साधा निशाना
इस बीच, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने मजीठिया को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच करीबी संबंध होने का आरोप लगाते हुए पंजाब में नशे की समस्या को लेकर टिप्पणी की।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मजीठिया और अमित शाह जी बेहद करीबी हैं, बिल्कुल भाइयों की तरह।”
अमित शाह पर व्यंग्य करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता ने आगे कहा, “अब मजीठिया के साथ गठबंधन करके अमित शाह जी पंजाब से नशा खत्म कर देंगे। यह दुनिया का आठवां अजूबा होगा।”
एक अन्य टिप्पणी में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अमित शाह अब मजीठिया के साथ मिलकर गुजरात से लाए गए नशे को पंजाब में बेचना चाहते हैं। यह केजरीवाल की राजनीतिक टिप्पणी और आरोप है। इसे विजिलेंस जांच में सामने आया कोई प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
इन टिप्पणियों के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। मजीठिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों और केजरीवाल की टिप्पणियों ने पंजाब में नशा तस्करी तथा जवाबदेही को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।
विजिलेंस ब्यूरो की जांच में पूरक चार्जशीट दाखिल होना कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। एजेंसी की ओर से अदालत में पेश किए गए सबूतों और आरोपों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच होगी। मजीठिया दोषी हैं या नहीं, इसका फैसला अदालत करेगी।
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