प्रमुख मांगों पर सहमति के बाद कर्मचारियों की काम पर वापसी; बिजली कर्मचारियों की वित्तीय मांगों के लिए कमेटी गठित, 15 अगस्त तक देगी रिपोर्ट
प्रमुख मांगों पर सहमति के बाद कर्मचारियों की काम पर वापसी; बिजली कर्मचारियों की वित्तीय मांगों के लिए कमेटी गठित, 15 अगस्त तक देगी रिपोर्ट
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में भगवंत मान सरकार को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब के वित्त मंत्री और कर्मचारियों के मुद्दों एवं मांगों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की 16 यूनियनों और आम आदमी क्लीनिक (एएसी) स्टाफ यूनियन ने अपनी हड़ताल आधिकारिक रूप से वापस ले ली है। हड़ताल समाप्त होने के बाद कर्मचारी दोबारा काम पर लौट आए हैं और बिजली व स्वास्थ्य सेवाओं का सामान्य संचालन बहाल हो गया है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पिछले दो दिनों में राज्य सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुई विस्तृत बैठकों के बाद प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि पटियाला स्थित मुख्यालय में उनकी अध्यक्षता में करीब पांच घंटे तक चली बैठक तथा बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और पीएसपीसीएल के सीएमडी के साथ देर रात तक हुई वार्ता के बाद बिजली क्षेत्र की सभी 16 यूनियनों के साथ समझौता हो गया।
वित्त मंत्री ने बताया कि बिजली कर्मचारियों की वित्तीय मांगों के समाधान के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष वित्तीय समिति गठित की है। यह समिति संबंधित मांगों का विस्तार से अध्ययन कर 15 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। समझौते के बाद टेक्निकल सर्विसेज यूनियन, पीएसईबी इम्प्लाइज फेडरेशन, मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन, जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन समेत विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने सामान्य कामकाज बहाल करने पर सहमति जताई है।
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि आम आदमी क्लीनिक स्टाफ यूनियन के प्रतिनिधियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक के बीच हुई बैठक के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों से जुड़ा विवाद भी सुलझ गया है। सरकार ने नियमित पदों पर भर्ती के दौरान कर्मचारियों के सेवा अनुभव को मान्यता देने की प्रमुख मांग स्वीकार कर ली है, जबकि अन्य प्रशासनिक मांगों पर भी सक्रियता से विचार किया जा रहा है। इसके बाद राज्यभर के आम आदमी क्लीनिक पूरी तरह कार्यशील हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि सफाई एवं सीवरेज बोर्ड के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी सकारात्मक बातचीत हुई है और संबंधित यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। साथ ही, आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध के दायरे में लाने संबंधी अध्यादेश राज्यपाल को भेज दिया गया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा और मजबूत सेवा शर्तों का लाभ मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ पंजाब के लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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