2026-27 से सभी अंडरग्रेजुएट कोर्स में लागू होगा ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम; हरजोत बैंस बोले- पंजाब के युवा अब सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बन रहे
2026-27 से सभी अंडरग्रेजुएट कोर्स में लागू होगा ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम; हरजोत बैंस बोले- पंजाब के युवा अब सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बन रहे
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की ‘सिख्या क्रांति’ उच्च शिक्षा को नई दिशा दे रही है। राज्य सरकार के ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम ने अपने पहले ही वर्ष में उत्साहजनक परिणाम दिए हैं। इस पहल के तहत छात्रों द्वारा शुरू किए गए 20 हजार से अधिक व्यवसायिक उपक्रमों ने सामूहिक रूप से करीब 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।
दो क्रेडिट वाले इस अनिवार्य पाठ्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. और बी.वोक. पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के साथ-साथ आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्रों के लिए शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत पंजाब के 925 उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों में करीब 95 हजार छात्रों को शामिल किया गया। इनमें से 25,693 छात्रों ने अपना व्यवसाय शुरू किया, जबकि 20,241 छात्र उद्यमों ने करीब 90 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
पंजाब के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम शिक्षा के उद्देश्य को नई परिभाषा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल डिग्री और परीक्षाओं तक सीमित न रहकर युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन की भावना विकसित कर रही है।
हरजोत बैंस ने कहा, “पंजाब की सिख्या क्रांति हमारे युवाओं को केवल कल की नौकरियों के लिए तैयार नहीं कर रही, बल्कि उन्हें कल के अवसर पैदा करने के लिए भी सक्षम बना रही है।”
कार्यक्रम के तहत छात्रों को व्यवसायिक अवसरों की पहचान, ग्राहकों की जरूरतों को समझने, बाजार की जांच, डिजिटल मार्केटिंग, मूल्य निर्धारण, वित्तीय योजना, संचार और समस्या समाधान जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाए जा रहे हैं। करीब 57 हजार छात्रों ने शैक्षणिक सत्र के दौरान वास्तविक व्यवसायिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया।
छात्रों ने फूड और बेकरी सेवाओं, ई-कॉमर्स, डिजिटल कंटेंट, कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, फिटनेस, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर, कृषि, हस्तशिल्प और प्रोफेशनल सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार शुरू किए हैं।
इस कार्यक्रम के तहत छात्रों ने मैचा पेय व्यवसाय, 2.5 लाख से अधिक यूजर्स वाला डिजिटल करियर गाइडेंस प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन ज्वेलरी कारोबार, मशरूम फार्मिंग, नेल आर्ट स्टूडियो और ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर जैसे उद्यम शुरू किए हैं।
पहले वर्ष के उत्साहजनक परिणामों के बाद पंजाब की यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर्स ने 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम को सभी अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स में लागू करने की सिफारिश की है। इसके बाद बीए, बीएससी और अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों के छात्र भी इस पहल का हिस्सा बन सकेंगे।
इस विस्तार से पंजाब में उद्यमिता के माहौल को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य कॉलेज के पहले वर्ष से ही ऐसे युवा तैयार करना है, जो भविष्य में नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी और सफल बिजनेस लीडर बन सकें।
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