हेबोवाल प्रोजेक्ट के तहत रोजाना 300 टन गोबर को प्रोसेस कर 5 टन बायोगैस तैयार होगी, सितंबर 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य
हेबोवाल प्रोजेक्ट के तहत रोजाना 300 टन गोबर को प्रोसेस कर 5 टन बायोगैस तैयार होगी, सितंबर 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य
खबर खास | लुधियाना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को लुधियाना का दौरा कर हेबोवाल में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। करीब 65 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पंजाब सरकार के अनुसार, इस प्लांट से क्षेत्र के 435 डेयरी मालिकों को सीधे लाभ मिलेगा और प्रतिदिन करीब 5 टन बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 2.5 एकड़ जमीन भी उपलब्ध कराई है।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि प्लांट में रोजाना करीब 300 टन गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाएगा। इससे पशु अपशिष्ट को उपयोगी ऊर्जा में बदला जा सकेगा और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की तैयारी लंबे समय से चल रही थी और इसका उद्देश्य डेयरी वेस्ट को सीवेज सिस्टम में जाने से रोककर उसका वैज्ञानिक निपटारा सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने सरकार की रोजगार नीतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की भूमिका केवल लोगों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को नौकरी से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी उनके घरों पर पत्र और मोबाइल संदेशों के जरिए दी जाती है।
मान ने इस प्रोजेक्ट को पंजाब के व्यापक पर्यावरणीय लक्ष्यों से जोड़ते हुए कहा कि पंजाब को ऐतिहासिक रूप से पांच नदियों की धरती के रूप में जाना जाता है और सरकार राज्य के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
मान ने कहा कि राज्य में अब तक करीब 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और अगले चरण में 7,000 किलोमीटर और पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य है। किसानों के खेतों तक सीधे नहरी पानी पहुंचाने से भूजल पर निर्भरता कम करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने अब तक करीब 21 लाख क्यूसेक पानी को जमीन में रिचार्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई है। उनके अनुसार, पंजाब के कई हिस्सों में भूजल स्तर में सुधार हुआ है और कुछ क्षेत्रों में जलस्तर एक से पांच मीटर तक ऊपर आया है।
भगवंत मान ने कहा कि सरकारी परियोजनाओं पर खर्च किया जा रहा पैसा जनता का है और इसका इस्तेमाल जनकल्याण तथा बुनियादी ढांचे के विकास के लिए होना चाहिए। उन्होंने हेबोवाल CBG प्लांट को पर्यावरण संरक्षण, डेयरी सेक्टर और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
सरकार के अनुसार, सितंबर 2027 तक पूरा होने के बाद यह प्लांट रोजाना करीब 300 टन गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करने और नवीकरणीय बायोगैस का उत्पादन करने में सक्षम होगा।
जल प्रबंधन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के जल संसाधनों का संरक्षण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में नहरी पानी के इस्तेमाल की हिस्सेदारी 2022 में करीब 22 प्रतिशत से बढ़कर अब 88 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समझौतों के तहत हरियाणा और राजस्थान को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि पंजाब ने अपने जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए कई कदम उठाए हैं।
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