2027 चुनाव से पहले 90 विधानसभा सीटों पर असर डाल सकते हैं ये नतीजे
2027 चुनाव से पहले 90 विधानसभा सीटों पर असर डाल सकते हैं ये नतीजे
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में होने वाले नगर निकाय चुनाव अब एक बड़े राजनीतिक मुकाबले का रूप ले चुके हैं। सभी प्रमुख पार्टियां इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले “सेमीफाइनल” के तौर पर देख रही हैं।
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) से लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिरोमणि अकाली दल (अकाली दल) तक, सभी दल इन चुनावों के जरिए अपनी ताकत परखने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी बड़े चुनाव के लिए माहौल बनाने में जुटे हैं।
राज्य के 105 शहरी स्थानीय निकायों में होने वाले ये चुनाव पंजाब की 117 में से करीब 90 विधानसभा सीटों के राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। मतदान 26 मई को होगा, जबकि मतगणना 29 मई को की जाएगी।
सत्तारूढ़ आप सरकार के लिए ये चुनाव प्रतिष्ठा की बड़ी परीक्षा माने जा रहे हैं। पार्टी की कोशिश प्रमुख शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाए रखने और यह साबित करने की है कि विरोधियों के हमलों के बावजूद उसका जनाधार मजबूत है। अगर पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती है तो उसे संगठन को और मजबूत करने में मदद मिलेगी, लेकिन खराब नतीजे आने पर पार्टी के अंदर दबाव बढ़ सकता है।
वहीं बीजेपी इन चुनावों को पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने के अहम अवसर के रूप में देख रही है। पार्टी को उम्मीद है कि शहरी इलाकों में बेहतर प्रदर्शन से उसे 2027 के चुनावों के लिए गति मिलेगी। इसके लिए पार्टी ने शहरों और कस्बों में अपना प्रचार तेज कर दिया है।
कांग्रेस, जो इस समय राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी है, हालिया लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई है। पार्टी को कई शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक समर्थन प्राप्त है और वह इन चुनावों के जरिए खुद को आप के मुख्य विकल्प के रूप में पेश करना चाहती है।
दूसरी ओर, अकाली दल अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। आंतरिक गुटबाजी और नेतृत्व से जुड़ी चुनौतियों ने पार्टी की स्थिति को कमजोर किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अकाली दल इन चुनावों में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर पाता, तो कई विधानसभा क्षेत्रों में उसकी पकड़ और कमजोर हो सकती है।
राज्य में 8 नगर निगम, 76 नगर परिषद और 21 नगर पंचायतों में चुनाव होंगे। नगर निगम चुनाव बठिंडा, मोहाली, होशियारपुर, मोगा, पठानकोट, बटाला, अबोहर और कपूरथला में कराए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार कुल 10,809 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से 713 नामांकन रद्द कर दिए गए। अब कुल 10,096 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 2,003 उम्मीदवार नगर निगम, 6,887 नगर परिषद और 1,206 नगर पंचायतों में चुनाव लड़ रहे हैं।
तेज होते चुनावी प्रचार के बीच ये साफ है कि ये निकाय चुनाव अब सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाली बड़ी राजनीतिक जंग बन चुके हैं।
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November 13, 2024
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