मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 51 सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को पहले सरकारी अनुबंध के तहत लाया जाएगा और बाद में नियमित किया जाएगा, जबकि भविष्य में ग्रुप सी और डी पदों पर सीधी सरकारी भर्ती होगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 51 सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को पहले सरकारी अनुबंध के तहत लाया जाएगा और बाद में नियमित किया जाएगा, जबकि भविष्य में ग्रुप सी और डी पदों पर सीधी सरकारी भर्ती होगी।
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब कैबिनेट ने ग्रुप सीऔर ग्रुप डी की सरकारी नौकरियों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने और हजारों संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के उद्देश्य से एक बड़ा रोजगार सुधार फैसला मंजूर किया है।
शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि इससे राज्य के 51 सरकारी विभागों में कार्यरत लगभग 68,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। सरकार की योजना इन कर्मचारियों को पहले आउटसोर्स व्यवस्था से निकालकर सरकारी अनुबंध (गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्ट) के तहत लाने और बाद में उन्हें नियमित करने की है।
कैबिनेट ने ग्रुप सीऔर डी श्रेणी की नौकरियों में ठेकेदारों के माध्यम से भर्ती की व्यवस्था समाप्त करने के लिए एक अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) को भी मंजूरी दे दी है। इस अध्यादेश को राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा और बाद में इसे पंजाब विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत अग्निशमन कर्मी (फायरमैन), लाइनमैन, सीवर कर्मचारी तथा शिकायत निवारण से जुड़े कर्मचारियों जैसे जोखिमपूर्ण कार्य करने वाले कर्मचारी तीन वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद सरकारी अनुबंध के पात्र होंगे। वहीं, गैर-जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे कर्मचारियों को कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी करने पर पहले चरण में इस योजना का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पात्र कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाएगा, जिससे निजी ठेकेदारों और एजेंसियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार पंजाब आउटसोर्स पर्सोनल बिल, 2026 तैयार कर रही है, जो लंबे समय से आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को सीधे सरकारी भर्ती व्यवस्था में शामिल करने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी को बिना पूर्व सूचना के सेवा से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून कर्मचारियों को पहले की नीतिगत व्यवस्थाओं की तुलना में अधिक मजबूत नौकरी सुरक्षा प्रदान करेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ग्रुप सी और ग्रुप डी पदों पर सभी भर्तियां नियमित सरकारी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से की जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में पंजाब में लगभग 65,000 लोगों को नियमित नियुक्तियों के जरिए सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
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