भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों को पछाड़ा, 50 हजार डॉलर की पुरस्कार राशि के साथ ग्रैंड चेस टूर की रैंकिंग में पहुंचे दूसरे स्थान पर
भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों को पछाड़ा, 50 हजार डॉलर की पुरस्कार राशि के साथ ग्रैंड चेस टूर की रैंकिंग में पहुंचे दूसरे स्थान पर
खबर खास | स्पोर्ट्स डेस्क
भारत के युवा शतरंज ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करते हुए 2026 सेंट लुईस रैपिड एंड ब्लिट्ज चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। महज 20 वर्षीय प्रज्ञानानंदा ने टूर्नामेंट समाप्त होने से एक राउंड पहले ही खिताब पर कब्जा जमा लिया। उन्होंने अपने अंतिम अहम मुकाबले में उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ महत्वपूर्ण ड्रॉ खेलकर चैंपियन बनने का रास्ता साफ कर दिया।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रज्ञानानंदा ने 35 में से 23 अंक हासिल किए। वहीं, सिंदारोव 22 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। अमेरिका के वेस्ली सो ने 20.5 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। लेवोन अरोनियन 19 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे, जबकि फैबियानो कारुआना, लेनियर डोमिंगुएज और जोर्डन वैन फोरेस्ट ने 17-17 अंकों के साथ संयुक्त रूप से पांचवां स्थान प्राप्त किया।
इस शानदार जीत के साथ प्रज्ञानानंदा को 50 हजार अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि और ग्रैंड चेस टूर के 13 महत्वपूर्ण अंक मिले। इस जीत के कारण उन्हें प्लेऑफ खेलने की भी जरूरत नहीं पड़ी। साथ ही वह अब ग्रैंड चेस टूर की ओवरऑल रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि, शीर्ष स्थान पर अभी भी फैबियानो कारुआना बने हुए हैं।
पांच दिनों तक चले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने शुरुआत से ही शानदार लय बनाए रखी। अंतिम चरण में सिंदारोव ने जोरदार चुनौती पेश की, लेकिन भारतीय ग्रैंडमास्टर ने धैर्य और बेहतरीन रणनीति का प्रदर्शन करते हुए अपनी बढ़त बरकरार रखी और खिताब अपने नाम कर लिया।
यह जीत प्रज्ञानानंदा के शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले जून 2026 में उन्होंने नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा था और ऐसा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। अब सेंट लुईस रैपिड एंड ब्लिट्ज का खिताब जीतकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वह विश्व शतरंज के सबसे मजबूत और उभरते सितारों में शामिल हैं।
31 जुलाई से 7 अगस्त तक सेंट लुईस चेस क्लब में आयोजित इस टूर्नामेंट में दुनिया के 10 शीर्ष ग्रैंडमास्टर्स ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में 9 रैपिड और 18 ब्लिट्ज राउंड खेले गए, जिनमें कुल 135 मुकाबले हुए। अब सभी की निगाहें आगामी सिंकफील्ड कप पर हैं, जहां प्रज्ञानानंदा अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए ग्रैंड चेस टूर का ओवरऑल खिताब जीतने की कोशिश करेंगे।
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