कांग्रेस का विधानसभा के बाहर प्रदर्शन, प्रताप सिंह बाजवा ने पुलिस व्यवस्था और बेअदबी मामलों में न्याय में देरी पर उठाए सवाल
कांग्रेस का विधानसभा के बाहर प्रदर्शन, प्रताप सिंह बाजवा ने पुलिस व्यवस्था और बेअदबी मामलों में न्याय में देरी पर उठाए सवाल
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, बरगाड़ी बेअदबी मामले और पुलिस प्रशासन को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए, जबकि विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने बेअदबी प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अमेरिका की एफबीआई द्वारा चलाए गए ऑपरेशन हार्डकोर का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रोहित गोदारा से जुड़े मामलों की जांच हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की फिरौती के मामलों में संलिप्तता सामने आई है और चार लाख अमेरिकी डॉलर की मांग किए जाने की बात भी उजागर हुई है। बाजवा ने यह भी कहा कि लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू कराने वालों का अब तक पता नहीं चल सका है और राज्य में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की जानी चाहिए। बाजवा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के सरकार और विधायकों पर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस दौरान सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने सतलुज नदी के किनारे अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं विधायक मनप्रीत अयाली ने बांधों की घटती क्षमता पर चिंता जताई और कहा कि फ्लड गेट खोले जाने की स्थिति में पंजाब को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने 1858 के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को याद करते हुए अजनाला में ऐतिहासिक स्थल के सौंदर्यीकरण, संग्रहालय और स्टेडियम के निर्माण की मांग की। उनका कहना था कि इससे शहीदों के बलिदान को सम्मान मिलेगा और युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने बरगाड़ी बेअदबी मामले को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह को पुलिस सेवा छोड़ने के लिए मजबूर किया गया और उन्हें न्याय दिलाने का चेहरा बनाकर कई वादे किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेअदबी, बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड जैसे मामलों में 24 घंटे के भीतर न्याय दिलाने का दावा किया था, लेकिन साढ़े चार वर्ष बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिला। बाजवा ने यह भी कहा कि इन मामलों में से अधिकांश अब पंजाब से बाहर की अदालतों में स्थानांतरित हो चुके हैं और यही मुद्दा कांग्रेस ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया है।
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January 18, 2026
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