पंजाब राज्य खाद्य आयोग ने फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाओं पर सेमिनार आयोजित किया
ओंटारियो के लघु व्यवसायों के लिए एसोसिएट मंत्री, नीना तांगड़ी ने पंजाब और कनाडा के लिए लाभकारी ज्ञान, तकनीक और निवेश पर जोर दिया
आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को और अधिक विकसित करने की वकालत की
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब स्टेट फूड कमीशन द्वारा चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा की अगुवाई में एमजीएसआईपीए (MGSIPA), सेक्टर-26, चंडीगढ़ में फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाओं पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार का आयोजन पंजाब स्टेट फूड कमीशन द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में कनाडा के ओंटारियो प्रांत की एसोसिएट मिनिस्टर (स्मॉल बिज़नेस) नीना टांगरी तथा पंजाब के कैबिनेट मंत्री (फूड प्रोसेसिंग, कृषि, पशुपालन एवं डेयरी विकास) गुरमीत सिंह खुड्डियां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में नीना टांगरी ने पंजाब के कृषि और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र की अपार संभावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब और कनाडा के बीच कृषि, फूड प्रोसेसिंग तथा तकनीकी सहयोग को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, तकनीक और निवेश के आदान-प्रदान से दोनों क्षेत्रों के किसानों और उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
वहीं खुड्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पंजाब के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के नए अवसर भी मिलेंगे।
इस अवसर पर चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, जिससे कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन बढ़ेगी और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।
सेमिनार के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। एन. एस. बराड़, चेयरमैन पग्रो फ्रोजन फूड्स, जो इस सेमिनार के प्रमुख वक्ताओं में से एक थे, ने फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में अपने प्रेरणादायक उद्यमी सफर को साझा किया। उन्होंने बताया कि पंजाब में उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियों और फलों के उत्पादन की अपार क्षमता है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत मैकडॉनल्ड्स को 40 मीट्रिक टन फ्रोजन सब्जियों की सप्लाई से की थी, जो आज बढ़कर 10,000 मीट्रिक टन से अधिक प्रोसेस्ड उत्पादों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी आज जापान, इंडोनेशिया, फिलीपींस, कनाडा और सिंगापुर सहित कई देशों में अपने उत्पादों का निर्यात कर रही है।
डॉ. नरपिंदरपाल सिंह, वाइस चांसलर ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, देहरादून तथा पूर्व हेड फूड टेक्नोलॉजी एवं डायरेक्टर रिसर्च गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फूड टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला।
इसके अलावा मंगल सिंह बस्सी, चेयरमैन एग्रो, अरुण ग्रोवर, चेयरमैन अमर टेक्स ग्रुप, पवितर कौर, कंसल्टेंट, मिनिस्ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज़, भारत सरकार, इंदरदीप सिंह चीमा, चेयरमैन ईस्ट वुड विलेज, कैप्टन विक्रम बाजवा, पूर्व सीजीएम आरबीआई, एम. एस. औजला, पूर्व निदेशक टाउन प्लानिंग, तथा जसविंदर सिंह, प्रिंसिपल खालसा कॉलेज ने भी सेमिनार के संदर्भ में अपने महत्वपूर्ण विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे विजय दत्त, सदस्य पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने कहा कि ऐसे सेमिनार पंजाब में फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में चेतन प्रकाश धालीवाल, सदस्य पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पंजाब स्टेट फूड कमीशन की मेंबर सेक्रेटरी कन्नू थिंद ने नीना टांगरी को पंजाब की पारंपरिक फुलकारी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके साथ उनके पति अश्वनी टांगरी तथा सुदीप सिंगला भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
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