पानी बचाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए 16 जिलों में लागू होगी योजना
पानी बचाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए 16 जिलों में लागू होगी योजना
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने भूजल स्तर में गिरावट को रोकने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खरीफ मक्का योजना का दायरा बढ़ा दिया है। वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना को छह जिलों से बढ़ाकर 16 जिलों में लागू किया गया है। इसके तहत किसानों को धान की जगह मक्का की खेती अपनाने पर ₹17,500 प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि यह फैसला 2025-26 में छह जिलों में लागू पायलट प्रोजेक्ट की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद लिया गया है। उन्होंने इसे राज्य के घटते भूजल स्तर को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इससे किसानों की आय में भी सुधार होगा।
योजना के तहत करीब 20,000 हेक्टेयर (लगभग 50,000 एकड़) क्षेत्र में खरीफ मक्का की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अमृतसर, बठिंडा, लुधियाना, पटियाला, संगरूर समेत 16 जिले शामिल हैं। सब्सिडी की राशि पहले की तरह ही रहेगी, जिसमें ₹4,500 इनपुट बिल जमा कराने पर दिए जाएंगे, जबकि शेष ₹13,000 दो किस्तों में फसल सत्यापन के बाद जारी किए जाएंगे।
पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, जे-फॉर्म जमा करना होगा और अपने खेत की जियो-टैगिंग करानी होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्होंने पिछले साल धान उगाया था और इस साल मक्का की खेती कर रहे हैं। फसल का सत्यापन जुलाई और अगस्त में दो चरणों में ‘उन्नत किसान पोर्टल’ के माध्यम से किया जाएगा, जिसके बाद सब्सिडी जारी की जाएगी।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को इस योजना के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक धान-गेहूं चक्र अब टिकाऊ नहीं रहा है, इसलिए यह योजना न केवल जल संरक्षण के लिए बल्कि किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए भी बेहद जरूरी है।
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