मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनगणना 2027 संबंधी राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनगणना 2027 संबंधी राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित
खबर खास, चंडीगढ़ :
जनगणना 2027 के प्रथम चरण (गृह सूचीकरण) के संबंध में आज डिप्टी कमिश्नरों और नगर निगम आयुक्तों के लिए होटल माउंट व्यू, चंडीगढ़ में एक दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
यह सम्मेलन पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग और जनगणना संचालन निदेशालय, पंजाब द्वारा संयुक्त रूप से मुख्य सचिव पंजाब श्री के.ए.पी. सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
इस सम्मेलन का उद्देश्य 15 मई 2026 से 13 जून 2026 तक आयोजित किए जाने वाले जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत घरों के सूचीकरण और मकान जनगणना की प्रक्रिया से क्षेत्रीय प्रशासनिक प्रमुखों को अवगत कराना था। इस दौरान स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा, जो 30 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। जनगणना 2027 का दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रारंभ किया जाएगा।
अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य सचिव ने जनगणना के राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला और साक्ष्य-आधारित प्रशासन, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संसाधनों के समान वितरण में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने पारदर्शिता, आंकड़ों की शुद्धता और समय-सीमा के कड़ाई से पालन पर बल देते हुए सभी अधिकारियों से सुव्यवस्थित योजना और निर्बाध अंतर-विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 के दौरान शुद्धता, डिजिटल प्रक्रिया और प्रशासनिक अनुशासन के नए मानक स्थापित किए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने जनगणना 2027 का पंजाबी लोगो भी जारी किया। उन्होंने जनगणना के उद्देश्य से अद्यतन राजस्व मानचित्र (जिले और तहसील) तथा शहरी स्थानीय निकायों के मानचित्र भी जारी किए।
इस दौरान जनगणना संचालन निदेशक, पंजाब डॉ. नवजोत खोसा ने अधिकारियों को जनगणना 2027 के रोडमैप और रणनीतिक ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने जनगणना अधिनियम 1948 तथा जनगणना नियम 1990 के अंतर्गत वैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानकों, परिभाषाओं और प्रक्रियाओं के सख्ती से पालन पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पहला चरण दूसरे चरण की नींव का कार्य करेगा और गृह सूचीकरण के दौरान बनाए रखी गई गुणवत्ता और शुद्धता इस जनगणना अभियान की समग्र सफलता निर्धारित करेगी।
डिप्टी कमिश्नरों और नगर निगम आयुक्तों ने चर्चा में सक्रिय भागीदारी करते हुए जिला स्तर की तैयारियों, लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण योजनाओं, ग्रामीण और शहरी कवरेज रणनीतियों तथा स्थानीय संस्थाओं के साथ समन्वय तंत्र संबंधी जानकारी साझा की।
निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने, समय पर संसाधन जुटाने, केंद्रीय सहायता का लाभ उठाने तथा जिलों में क्रियान्वयन प्रक्रिया में एकरूपता बनाए रखने पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन का समापन स्थानीय निकाय, पंजाब के सचिव मनजीत सिंह बराड़ द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जो इस जनगणना अभ्यास के लिए राज्य नोडल अधिकारी भी हैं। निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शी, समावेशी, शुद्ध और प्रौद्योगिकी-आधारित जनगणना संपन्न करने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए सभी अधिकारियों ने पेशेवर ईमानदारी, कानूनी अनुपालन और प्रशासनिक दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लिया, ताकि जनगणना 2027 का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
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