सांसद सुखजिंदर रंधावा ने पंजाब बजट पर दी तीखी प्रतिक्रिया,
कहा-सरकार ने बेरोजगारी, किसानी मुद्दों और इंडस्ट्री को किया पूरी तरह नजरअंदाज, बजट में सिर्फ बड़े-बड़े दावे
महिला दिवस पर बजट में महिलाओं के साथ बहुत बड़ा धोखा, सरकार उन्हें उनकी बकाया राशि 1000-1500 भी दे
पंजाब की जनता की टूटी उम्मीदें, सरकार ने एक बार फिर किया लोगों को निराश
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आज राज्य सरकार के पेश किए गए पंजाब बजट 2026-27 को पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने 2.61 लाख करोड़ रुपए के बजट को पूरी तरह से दिशाहीन, जनविरोधी और केवल आंकड़ों का खेल बताया। उन्होंने कहा कि दिखावटी बजट में आंकड़े तो बढ़े, लेकिन हकीकत सिकुड़ हुई है। चुनावी साल में पेश किए बजट में सिर्फ बड़े-बड़े दावे ही किए गए हैं। जमीनी स्तर पर लागू होने वाली कोई स्पष्ट नीति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस के मौके पर बजट में सरकार ने बड़ी ठगी की है। उन्हें 1000 और 1500 रुपए के हिसाब से पिछले चार सालों का पूरा बकाया भी दिया जाना चाहिए।
रंधावा ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस बजट में किसानों की समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं किया और न ही युवाओं, कर्मचारियों तथा व्यापारियों के लिए कोई ठोस योजना पेश की है। पंजाब की जनता को इस बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार ने एक बार फिर लोगों को निराश किया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर सरकार बताए इस बजट से आम आदमी को क्या फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब पहले ही भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है, लेकिन सरकार ने कर्ज कम करने या राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस रोडमैप पेश नहीं किया। इसके उलट सरकार लगातार नए कर्ज लेकर राज्य की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर रही है। सरकार को चाहिए था कि वह वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और खर्चों को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति पेश करती, लेकिन बजट में ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं देता।
रंधावा ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था का आधार किसान हैं, लेकिन बजट में किसानों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई। किसानों की कर्ज माफी, फसल विविधीकरण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में बड़े स्तर की घोषणा होनी चाहिए थी। लेकिन सरकार केवल घोषणाओं और वादों तक सीमित रह गई है। सरकार किसानों के इन मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है।
रंधावा ने कहा कि पंजाब के लाखों युवा रोजगार की तलाश में विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें राज्य में रोजगार देने के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं बनाई। सरकार के दावे के बावजूद राज्य में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार केवल कागजी योजनाओं का प्रचार कर रही है।
रंधावा ने कहा कि पंजाब में व्यापार और उद्योग पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। राज्य में निवेश लाने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ठोस नीति की जरूरत है, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रंधावा ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी बजट में कोई बड़ा बदलाव या सुधार दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस निवेश की जरूरत है, लेकिन सरकार केवल प्रचार पर ज्यादा ध्यान दे रही है। अगर सरकार सचमुच शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार चाहती है, तो उसे इन क्षेत्रों के लिए बड़े स्तर पर बजट आवंटित करना चाहिए था।
रंधावा ने आरोप लगाया कि यह बजट जनता के हित में नहीं बल्कि केवल राजनीतिक प्रचार के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों और दावों को पूरा करने में पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने कहा कि जनता को अब समझ आ चुका है कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं लाती।
उन्होंने अंत में कहा कि सरकार को चाहिए कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए उनके हिसाब से प्रभावी नीतियां बनाए। पंजाब की जनता को एक मजबूत और दूरदर्शी आर्थिक नीति की जरूरत है, लेकिन मौजूदा बजट उस पर खरा नहीं उतरता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता के हितों की आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जनता के मुद्दों को नजरअंदाज करती रही तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी।
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