वीबी जी राम जी हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका के अधिकार की गारंटी-मुख्यमंत्री
वीबी जी राम जी हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका के अधिकार की गारंटी-मुख्यमंत्री
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) को मेहनतकश श्रमिकों के जीवन स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए एक मजबूत नींव बताते हुए कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के हर श्रमिक को काम के साथ-साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका के अधिकार की गारंटी है।
सैनी रविवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण ( वीबी जी राम जी ) राज्य स्तरीय सम्मेलन में उपस्थित श्रमिकों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री ने लिया है, उसे गांवों और श्रमिकों के विकास के बिना पूरा नहीं किया सकता। उनका मानना है कि विकसित भारत का रास्ता गांवों की गलियों से होकर गुजरता है। वीबी जी राम जी केवल रोजगार देने की योजना नहीं है बल्कि मेहनतकश लोगों के जीवन को ऊंचा उठाने, उनको सम्मान देने और उनका स्वाभिमान बनाए रखने की योजना है।
सैनी ने कहा कि मनरेगा की विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने ’विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ को देश के सामने रखा। इसे विकसित भारत- जी राम जी कानून कहा जा रहा है। यह केवल मनरेगा का नाम बदलना नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था का संपूर्ण आधुनिकीकरण है।
उन्होंने कहा कि इस नए कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। यही नहीं, नए कानून में राज्यों को फसल बुवाई और कटाई के समय 60 दिन के लिए काम रोकने का अधिकार भी दिया गया है। इससे श्रमिकों को इन 60 दिनों का काम तो मिलेगा ही, विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत भी 125 दिन का काम मिलेगा। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। हरियाणा में प्रतिदिन देश में सर्वाधिक 400 रुपये की दर से न्यूनतम मजदूरी दी जाती है। इससे हर श्रमिक की वार्षिक आय कम से कम 50 हजार रुपये हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वी.बी. जी-राम-जी योजना में अब 15 दिन की जगह साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई है, ताकि मजदूर को समय पर उसका पैसा मिल सके। ये सभी प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि अब न तो फर्जी मजदूर होंगे, न फर्जी काम होगा और न ही फर्जी भुगतान होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून में कार्यों की प्रकृति को भी बदला गया है और इसमें पहले से काफी अधिक कामों को जोड़ा गया है। इससे श्रमिकों को अधिक काम मिलेगा और गांवों के विकास के अधिक काम होंगे। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था।
सैनी ने कहा कि मनरेगा जब शुरू हुई थी, तब हालात अलग थे। मनरेगा योजना में समय के साथ कई कमियां आ गई थीं। इनका खामियाजा सीधे श्रमिक भाइयों को भुगतना पड़ता था। श्रमिक इससे भली भांति परिचित हैं कि कहीं मशीनों ने उनका काम छीन लिया, कहीं फर्जी नामों से भुगतान हुआ और अनेकों बार मजदूरी मिलने में महीनों लग गए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम पर देश के कई हिस्सों में भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड, ठेकेदारों का वर्चस्व और मजदूरों के हक की लूट हुई। सी.ए.जी. की रिपोर्टों से लेकर सामाजिक ऑडिट तक में, बार-बार यह सामने आया कि असली मजदूर काम करता रहा और जेबें औरों की भरती रहीं।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए योजना के श्रमिकों से संवाद किया और जी राम जी योजना के संबंध में उनके अनुभव भी लिए। श्रमिकों ने विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से उन्हें अब 100 दिनों की बजाय 125 दिन का काम मिलेगा, जिससे अतिरिक्त रोजगार मिलने से उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी और जीवन स्तर उंचा होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें हर्ष है कि अब 7 दिनों में उन्हें भुगतान प्राप्त होगा। इसके अलावा बायोमेट्रिक और जीओ टैगिंग प्रणाली से कार्य में और अधिक सुगमता और पारदर्शिता आएगी।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0