कहा, “सरकार कटे हुए कार्ड वाले परिवारों को पुराना राशन या नकद मुआवज़ा भी दे”
कहा, “सरकार कटे हुए कार्ड वाले परिवारों को पुराना राशन या नकद मुआवज़ा भी दे”
खबर खास, मोहाली :
पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने राज्य सरकार द्वारा 10 लाख नए राशन कार्ड बनाने के फैसले को महज़ चुनावी स्टंट करार देते हुए आशंका जताई है कि चुनावों के बाद इन कार्डों का हाल भी पहले काटे गए लाखों राशन कार्डों जैसा ही होगा।
सिद्धू ने कहा कि कुछ समय पहले ही राज्य सरकार ने केंद्र के दिशा-निर्देशों का हवाला देकर प्रदेश में लगभग 11 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए थे। उन्होंने सवाल किया कि यदि अब सिर्फ सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति को छोड़कर हर परिवार को राशन कार्ड देने की बात कही जा रही है, तो वे 11 लाख परिवार किन नियमों के तहत अयोग्य घोषित किए गए थे? क्या वे परिवार पिछले समय के दौरान सरकारी लापरवाही के कारण अपने हक के अनाज से वंचित नहीं रहे? उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि जिन परिवारों के राशन कार्ड काटे गए थे, क्या उन्हें पिछली अवधि का राशन दिया जाएगा?
पूर्व मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भलाई सर्वोपरि होनी चाहिए, लेकिन यह तभी संभव है जब सरकारी नीतियों में स्थिरता और ईमानदारी हो, जो भगवंत मान सरकार में कहीं भी नजर नहीं आ रही।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नए कार्ड बनाने का कदम ऊपर से भले ही जनहितैषी लगे, लेकिन इसके पीछे सरकार की मंशा ने जनता के मन में कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेसी नेता ने चिंता जताते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि चुनावों के नज़दीक ऐसी लोक-लुभावन योजनाओं की घोषणा कर दी जाती है, जिन्हें चुनावों के बाद फिर “समीक्षा” के नाम पर बंद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे “चुनावी स्टंट” से बचाने के लिए सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या ये कार्ड स्थायी रूप से जारी रहेंगे या कुछ महीनों बाद इन्हें फिर से रद्द कर दिया जाएगा।
सिद्धू ने मांग की है कि सरकार न केवल सभी रद्द किए गए राशन कार्ड तुरंत बहाल करे, बल्कि जितने समय तक उन गरीब परिवारों का राशन रोका गया, उसका मुआवज़ा भी अनाज या नकद के रूप में दिया जाए। उन्होंने कहा कि असली जनकल्याण तभी दिखाई देगा जब सरकार अपनी पिछली गलती सुधार कर पीड़ित परिवारों को उनका हक देगी, न कि सिर्फ चुनाव जीतने के लिए कागजी कार्रवाई करेगी।
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