मोहाली की सोसाइटी में काम करने वाले लखवीर सिंह की मौत के बाद बेटे ने मैनेजर और दो सुपरवाइजरों पर प्रताड़ना, करंट लगाने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए; एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
मोहाली की सोसाइटी में काम करने वाले लखवीर सिंह की मौत के बाद बेटे ने मैनेजर और दो सुपरवाइजरों पर प्रताड़ना, करंट लगाने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए; एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
खबर खास | मोहाली
मोहाली के खरड़ स्थित एक नामी सोसाइटी में सात महीने का वेतन नहीं मिलने और कथित प्रताड़ना से परेशान सफाईकर्मी ने खुद को आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसे 49 वर्षीय लखवीर सिंह ने चंडीगढ़ के पीजीआई में आठ दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 30 अक्टूबर को दम तोड़ दिया। वह खरड़ के गांव संत माजरा के रहने वाले थे। उनकी मौत के बाद बेटे की शिकायत पर पुलिस ने सोसाइटी के मैनेजर और दो सुपरवाइजरों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं और एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने एक सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर लिया है।
सात महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप
मृतक के बेटे मन्नत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता लांडरा-खरड़ रोड पर सेक्टर-116 स्थित सोमदत्त लैंडमार्क अपार्टमेंट में घरों से कूड़ा उठाने का काम करते थे। उनके मुताबिक, पिता लगातार शिकायत करते थे कि सोसाइटी के कमेटी सदस्य सात महीने से उनका वेतन रोककर बैठे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था।
मैनेजर और सुपरवाइजरों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप
मन्नत ने आरोप लगाया कि सोसाइटी के मैनेजर गुरवेल सिंह और सुपरवाइजर गुरविंदर सिंह तथा चूड़ सिंह पिछले दो-तीन वर्षों से उसके पिता को परेशान कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, उन्हें अलग कमरे में ले जाकर बिजली का करंट लगाया जाता था, गालियां दी जाती थीं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। बेटे ने आरोप लगाया कि वेतन मांगने पर भी उनके पिता के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता था।
उधार और कर्ज के बोझ से बढ़ती गई परेशानी
मन्नत के अनुसार, परिवार की आजीविका पूरी तरह उसके पिता की कमाई पर निर्भर थी। वेतन नहीं मिलने के कारण लखवीर सिंह को घर का सामान उधार लेना पड़ता था। दुकानदारों का कर्ज बढ़ता जा रहा था और कई बार रिश्तेदारों से भी पैसे उधार लेने पड़े। उधार चुकाने के लिए लगातार बढ़ते दबाव और वेतन नहीं मिलने की परेशानी से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे।
22 अक्टूबर को सोसाइटी के गेट पर लगाई आग
बेटे ने बताया कि 22 अक्टूबर को उसके पिता वेतन लेने के लिए सोसाइटी पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने मुख्य गेट के सामने कहा कि वह सात महीने का बकाया वेतन लेकर ही वापस जाएंगे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद उन्होंने अपने साथ लाई तारपीन के तेल की बोतल अपने ऊपर उड़ेल ली और आग लगा ली। सोसाइटी के गार्ड और अन्य लोगों की मदद से आग बुझाई गई, लेकिन तब तक उनका शरीर काफी झुलस चुका था।
खरड़ से मोहाली और फिर PGI किया गया रेफर
लखवीर सिंह को पहले खरड़ सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें मोहाली के फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल रेफर किया गया। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया, जहां आठ दिन तक उनका इलाज चला। 30 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। फिलहाल उनका शव पीजीआई की मोर्चरी में रखा गया है।
डीएसपी बोले- एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
खरड़ के डीएसपी ईशान सिंगला ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुपरवाइजर गुरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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