बैंकिंग और एनर्जी शेयरों ने संभाली बाजार की कमान, कच्चे तेल की नरम कीमतों और RBI के भरोसे से निवेशकों का बढ़ा उत्साह
बैंकिंग और एनर्जी शेयरों ने संभाली बाजार की कमान, कच्चे तेल की नरम कीमतों और RBI के भरोसे से निवेशकों का बढ़ा उत्साह
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ। दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रखी, जिससे बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की मजबूती के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 11.35 अंक की बढ़त के साथ 24,636 के स्तर पर पहुंचकर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार की गिरावट से पहले भी घरेलू बाजार लगातार चार कारोबारी सत्रों तक बढ़त दर्ज कर चुका था। व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे आगे रहा, जिसमें 2.20 प्रतिशत की शानदार बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी खरीदारी का माहौल बना रहा। दूसरी ओर, मीडिया, रियल्टी, ऑटो, मेटल और आईटी सेक्टर दबाव में रहे। निफ्टी मीडिया और रियल्टी इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जबकि ऑटो, मेटल और आईटी शेयरों में भी मुनाफावसूली देखने को मिली। निफ्टी-50 में एसबीआई, बीईएल, इटरनल, टाइटन, श्रीराम फाइनेंस और सिप्ला के शेयर सबसे अधिक बढ़त वाले रहे। वहीं पावर ग्रिड, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, टीसीएस और बजाज ऑटो के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बढ़ते कूटनीतिक प्रयासों और भारतीय रिजर्व बैंक के स्थिर मौद्रिक रुख ने भी बाजार को समर्थन दिया। इन सकारात्मक संकेतों के चलते बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर के हैवीवेट शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आने वाले समय में महंगाई का दबाव कम हो सकता है, जिससे कंपनियों के मुनाफे में सुधार की संभावना बढ़ेगी। इसी उम्मीद के चलते निवेशकों का रुझान मजबूत बना हुआ है। वहीं, ऑयल-टू-केमिकल (O2C) कारोबार से जुड़ी कंपनियों में लंबे समय से जारी कमजोरी के बाद अब कम कीमतों पर खरीदारी देखने को मिल रही है। हालांकि ऑटो, मेटल, आईटी, रियल्टी और सीमेंट सेक्टर में मुनाफावसूली का असर दिखाई दिया, लेकिन स्मॉलकैप शेयरों में जारी तेजी ने पूरे बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0