कहा, प्रभावित सात जिलों में तैनात टीमों में 145 ग्रुप-ए अधिकारी भी शामिल प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, गेहूं की फसल को 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में नुकसान होने का अनुमान है।
कहा, प्रभावित सात जिलों में तैनात टीमों में 145 ग्रुप-ए अधिकारी भी शामिल प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, गेहूं की फसल को 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में नुकसान होने का अनुमान है।
खबर खास, चंडीगढ़:
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुंडि्डयां ने आज कहा कि हाल ही में खराब मौसम के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राज्य के सात जिलों के प्रभावित क्षेत्रों में कृषि विभाग के 500 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्य में तैनात कर्मचारियों में ग्रुप-ए के 145 अधिकारी शामिल हैं, जो विशेष रूप से प्रभावित जिलों अमृतसर, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर और मोगा में मूल्यांकन कार्य की निगरानी कर रहे हैं। इन टीमों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय में काम करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि पंजाब सरकार द्वारा की गई 'विशेष गिरदावरी' (फसल हानि आकलन) की घोषणा का सुचारू रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
यह कदम मुख्यमंत्री द्वारा क्षतिग्रस्त फसलों के लिए विशेष गिरदावरी की घोषणा के एक दिन बाद उठाया गया है, जो पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने की राज्य सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को समझाते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला है कि हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण सात जिलों में 12 लाख एकड़ से अधिक गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई नियमों के अनुसार की जाएगी। उपायुक्तों द्वारा अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद, यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी कि प्रत्येक प्रभावित किसान को उसका हक मिले।
कृषि मंत्री ने आज श्री मुक्तसर साहिब जिले के प्रभावित खेतों का दौरा भी किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभाग उचित और पारदर्शी तरीके से आकलन पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने फील्ड अधिकारियों को किसानों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने और फसलों को बचाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने का निर्देश भी दिया।
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