व्यापारी-कारोबारियों को लेकर पंजाब सरकार पर विधायक परगट सिंह का बड़ा हमला कहा-सरकार व्यापारियों का उत्पीड़न बंद करे, किसानों के लोकतांत्रिक अधिकार का करे सम्मान
व्यापारी-कारोबारियों को लेकर पंजाब सरकार पर विधायक परगट सिंह का बड़ा हमला कहा-सरकार व्यापारियों का उत्पीड़न बंद करे, किसानों के लोकतांत्रिक अधिकार का करे सम्मान
खबर खास, चंडीगढ़ :
पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने पंजाब सरकार पर एक बार फिर से बड़ा हमला बोला। उन्होंने इस बार पंजाब के व्यापारियों और कारोबारियों के साथ हो रहे धक्के को लेकर आवाज बुलंद की है। उनका आरोप है कि एक तरफ गैंगस्टर उद्योगपत्तियों, व्यापारियों और कारोबारियों को कॉल करके फिरौतियां मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार चुनिंदा कारोबारियों और व्यापारियों पर छापों के माध्यम से उन्हें परेशान कर रही है।
उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि वह इन व्यापारियों, उद्योगपतियों और कारोबारियों को तंग करने की बजाए उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाए, उनको कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छा व सुरक्षित वातावरण दे। जबकि सरकार की बार-बार और टारगेट उद्योगों व कारोबारों पर छापे की कार्रवाइयों से व्यावसायिक वर्ग में दहशत का माहौल बना हुआ है। बहुत सारे उद्यमी और कारोबारी दबाव में जीवन जी रहे हैं। जिसका राज्य में निवेश और रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
परगट सिंह ने कहा कि पहले ही पंजाब में कानून व्यवस्था आपे से बाहर है। पंजाब सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में बुरी तरह नाकाम साबित हो चुकी है। राज्य को पुलिस स्टेट बना दिया है। गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए गए अभियान भी कागजी ज्यादा हैं और जमीनी स्तर पर कम। इन पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है। इतने अभियान चलाए जाने के बाद भी फिरौतियां मांगी जा रही हैं, गोलियां चलाकर हत्याएं की जा रही हैं और गैंगस्टर खुले आम इसकी जिम्मेदारी भी ले रहे हैं। सरकार सिर्फ अपनी सोशल मीडिया पर आंकड़ें दिखाकर पीठ थपथपा रही है।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान भी ठप नजर आ रहे हैं। नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म नहीं किया जा पा रहा है और न ही बड़े नशा कारोबारियों और तस्करों पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है। नशे की समस्या ने पंजाब के अनगिनत परिवारों को बर्बाद कर दिया है।
किसानों के प्रति भी सरकार का रवैया ठीक नहीं है। हाल ही में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया गया, जोकि निंदनीय है। किसानों की जायज मांगों को बल प्रयोग से दबाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे एक्शन वर्तमान प्रशासन की किसान विरोधी मानसिकता को उजागर करते हैं।
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