वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि प्रस्तावित कानून ठेकेदारों के शोषण को खत्म करेगा, सरकारी विभागों को सीधे अनुबंध करने की अनुमति देगा और हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगा।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि प्रस्तावित कानून ठेकेदारों के शोषण को खत्म करेगा, सरकारी विभागों को सीधे अनुबंध करने की अनुमति देगा और हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगा।
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट ऑर्डिनेंस, 2026 को तत्काल मंजूरी देने की अपील की है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से लंबित यह कदम हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण को खत्म करेगा और राज्य सरकार के साथ उनके सीधे अनुबंध का रास्ता साफ करेगा।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने हमेशा रोजगार सृजन और कर्मचारियों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकारों ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था के जरिए कर्मचारियों के शोषण को बढ़ावा दिया।
चीमा ने कहा कि 13 जुलाई 2026 को पंजाब कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए इस अध्यादेश के तहत पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों—जिनमें सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और PSPCL के कर्मचारी शामिल हैं—को सरकारी विभागों द्वारा सीधे अनुबंध पर नियुक्त किया जा सकेगा। इससे तीसरे पक्ष के ठेकेदारों की भूमिका समाप्त हो जाएगी।
वित्त मंत्री ने राजभवन में फाइल की मंजूरी में 12 दिन की देरी पर चिंता जताते हुए राज्यपाल से अपील की कि वह बिना किसी और देरी के अध्यादेश को मंजूरी दें, ताकि हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।
रोजगार और युवाओं के पलायन को रोकने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मार्च 2022 में अपनी सरकार की शुरुआत के समय पहली कैबिनेट बैठक में 30,000 सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने चार साल और पांच महीने के कार्यकाल में अब तक 66,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के बाकी कार्यकाल में भी भर्ती अभियान जारी रहेंगे।
शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए चीमा ने कहा कि सरकार ने करीब 13,000 शिक्षकों की सेवाओं को नियमित किया है, जो वर्षों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों का वेतन करीब ₹6,000 से बढ़ाकर ₹25,000 से ₹26,000 प्रति माह किया गया है और उन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि भी दी जा रही है।
पिछली सरकारों द्वारा शुरू की गई आउटसोर्सिंग व्यवस्था की आलोचना करते हुए चीमा ने कहा कि कई कर्मचारियों ने पांच से 11 वर्षों तक ठेकेदारों के माध्यम से काम किया और इस दौरान उन्हें आर्थिक तथा पेशेवर शोषण का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद निर्धारित मानदंडों के आधार पर पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी विभागों द्वारा सीधे अनुबंध पर नियुक्त किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक बार फिर राज्यपाल से अध्यादेश को जल्द से जल्द मंजूरी देने की अपील की, ताकि राज्यभर में आवश्यक सेवाओं से जुड़े हजारों कर्मचारियों के जीवन में सुधार लाया जा सके।
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