उपभोक्ता हित, पावर यूटिलिटी की वैश्विक पहचान और SAC के पूर्व निर्णयों की समीक्षा पर रहेगा फोकस
उपभोक्ता हित, पावर यूटिलिटी की वैश्विक पहचान और SAC के पूर्व निर्णयों की समीक्षा पर रहेगा फोकस
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की 33वीं राज्य सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आगामी 22 जनवरी को सुबह 11:30 बजे आयोग के कॉन्फ्रेंस रूम, पंचकूला में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता एचईआरसी के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा करेंगे। इस बैठक में आयोग के दोनों सदस्य मुकेश गर्ग और शिव कुमार, प्रदेश की सभी पावर यूटिलिटीज़ के प्रबंध निदेशक, तथा समिति के अन्य सदस्य भाग लेंगे।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सलाहकार समिति में अधिकतम 21 सदस्य होते हैं, जिनमें उद्योग, कृषि, उपभोक्ता संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व शामिल होता है। यह समिति विद्युत अधिनियम, 2003 के अंतर्गत गठित एक महत्वपूर्ण सलाहकारी मंच है, जो विद्युत क्षेत्र के लिए नीति निर्धारण और उपभोक्ता हितों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करती है।
उन्होंने बताया कि 33वीं एसएसी बैठक का मुख्य फोकस हरियाणा की पावर यूटिलिटीज़ को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर एक पहचान दिलाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना रहेगा। बैठक में इस बात पर मंथन होगा कि राज्य की बिजली कंपनियां किस प्रकार दक्षता, पारदर्शिता और तकनीकी उन्नयन के माध्यम से वैश्विक मानकों के अनुरूप अपने संचालन को मजबूत कर सकती हैं। इसके साथ ही बैठक का एक अहम एजेंडा बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना होगा।
आयोग इस पर विशेष चर्चा करेगा कि वितरण निगमों की ओर से उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता, जवाबदेही और समयबद्ध समाधान पर भी गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में पूर्व में आयोजित SAC बैठकों में लिए गए निर्णयों की समीक्षा भी की जाएगी। इसका आकलन किया जाएगा कि उन निर्णयों को धरातल पर कितनी हद तक लागू किया गया है, किन क्षेत्रों में प्रगति हुई और किन मामलों में सुधार की आवश्यकता है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समिति के सुझाव केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो। इसके अतिरिक्त, बैठक में बिजली क्षेत्र की दीर्घकालिक रणनीति, संचालन क्षमता बढ़ाने, वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और उपभोक्ता विश्वास मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
आयोग विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करता है और नियामक व्यवस्था को पारदर्शी, उत्तरदायी और जनहितैषी बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत रहता है। एचईआरसी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उपभोक्ता उसके कार्यों के केंद्र में हैं और बिजली क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सुधार उपभोक्ता हितों को सर्वोपरि रखते हुए ही लागू किया जाएगा। 33वीं राज्य सलाहकार समिति की यह बैठक हरियाणा के पावर सेक्टर को अधिक दक्ष, उपभोक्ता-हितैषी और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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