हथियारों के प्रचार वाले 643 सोशल मीडिया पेज ब्लॉक किए गए; डीआईजी द्वारा अभिभावकों से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की अपील अप्रैल 2022 से पंजाब में 2868 गैंगस्टर/अपराधी गिरफ्तार; 2273 हथियार बरामद
हथियारों के प्रचार वाले 643 सोशल मीडिया पेज ब्लॉक किए गए; डीआईजी द्वारा अभिभावकों से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की अपील अप्रैल 2022 से पंजाब में 2868 गैंगस्टर/अपराधी गिरफ्तार; 2273 हथियार बरामद
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने संबंधी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सोच को आगे बढ़ाते हुए "गैंगस्टरों ते वार" अभियान ने एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 के माध्यम से महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं और 21 जनवरी, 2026 को इसकी शुरुआत के बाद आम लोगों द्वारा इस अभियान को भरपूर समर्थन मिला है।
इस पहल की सफलता के बारे में जानकारी देते हुए डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीआईजी) एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) गुरमीत सिंह चौहान ने आज यहां बताया कि इस हेल्पलाइन पर अब तक कुल 590 इनपुट प्राप्त हुए हैं। इनमें से 83 नशे से संबंधित, 35 जबरन वसूली से, 43 गैंगस्टरों से, 86 अवैध हथियारों से, 74 व्यक्तिगत दुश्मनी से, 13 डकैती/चोरी से, 11 भगोड़े अपराधियों (पीओज़)/फरारों से और दो इमिग्रेशन धोखाधड़ी से संबंधित हैं, जबकि 97 मामलों को अन्य श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
इस संबंध में सफल उदाहरणों का हवाला देते हुए, जहां लोगों के सहयोग से जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को पकड़ने में मदद मिली, डीआईजी गुरमीत चौहान ने कहा कि इस अभियान में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लोगों द्वारा दी गई सूचनाओं/जानकारियों के आधार पर 63 एफआईआर दर्ज की गईं और 26 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 21 प्रिवेंटिव डिटेंशन के मामले शामिल हैं।
लोगों से हेल्पलाइन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए डीआईजी ने नागरिकों को पुलिस की "आंख और कान" बनकर काम करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लोग इस हेल्पलाइन पर केवल जबरन वसूली से संबंधित मामलों की ही नहीं, बल्कि किसी भी संदिग्ध गैंगस्टर, अपराधी या समाज विरोधी गतिविधियों की रिपोर्ट भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं आम लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि पुलिस को जानकारी देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
डीआईजी गुरमीत चौहान ने भोले-भाले युवाओं को थोड़े से पैसों का लालच देकर अपराध के लिए उकसाने वाले विदेशों में बैठे समाज विरोधी तत्वों के बारे में भी लोगों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे अज्ञात व्यक्तियों के लिए यूपीआई या अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए वित्तीय लेन-देन से परहेज करें। इसके अलावा उन्होंने अज्ञात स्थानों से पैकेज उठाने या छोड़ने के संबंध में भी लोगों को सावधान किया।
उन्होंने आगे कहा कि विदेशों में बैठे अपराधी अवैध गतिविधियों के लिए हथियारों की खेप पहुंचाने हेतु "डेड लेटर बॉक्स" का उपयोग कर रहे हैं।
अपराध के डिजिटल इकोसिस्टम पर की गई सख्ती के बारे में बताते हुए डीआईजी ने कहा कि एजीटीएफ द्वारा सोशल मीडिया पर समाज विरोधी गतिविधियों की निगरानी के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम पहले ही हथियारों या आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर 643 पेज ब्लॉक कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं अभिभावकों से अपील करता हूं कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके बच्चे किसी भी प्रकार से गुमराह न हों।
यह उल्लेखनीय है कि पंजाब पुलिस पहले ही विदेश आधारित 61 विदेशी गैंगस्टरों की पहचान कर चुकी है। उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) की स्थापना की गई है ताकि इन अपराधियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जा सके।
उन्होंने कहा कि नागरिक एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से वांछित अपराधियों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी साझा करने के साथ-साथ राज्य में अपराध को रोकने के लिए गोपनीय सूचनाएं प्रदान कर सकते हैं।
एजीटीएफ की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए डीआईजी गुरमीत चौहान ने बताया कि पंजाब पुलिस ने अप्रैल 2022 से अब तक राज्य भर में 1,111 गैंगस्टर/अपराधी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 2,868 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा उनके कब्जे से 2273 हथियार और आपराधिक गतिविधियों में उपयोग किए गए 656 वाहन बरामद किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने राज्य में गैंगस्टर संस्कृति का प्रभावी ढंग से खात्मा करने के लिए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एडीजीपी) प्रमोद बान के नेतृत्व में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) का गठन किया था।
एजीटीएफ द्वारा की गई कार्रवाई (6 अप्रैल, 2022 से 26 मार्च, 2026 तक)
एजीटीएफ की ओर से की गई कार्रवाई में 1111 मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ। इस दौरान 2868 गैंगस्टर/अपराधी गिरफ्तार किए गए और 2273 हथियार और 656 वाहन बरामद किए गए।
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