2026-27 नीति के तहत ₹563.78 करोड़ की बोलियां, लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ा विभाग
2026-27 नीति के तहत ₹563.78 करोड़ की बोलियां, लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ा विभाग
ख़बर ख़ास |चंडीगढ़
चंडीगढ़ प्रशासन ने आबकारी नीति वर्ष 2026-27 के तहत एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सभी 97 मदिरा विक्रय ठेकों की सफल नीलामी पूरी कर ली है। पिछले लगभग एक दशक में यह पहली बार है जब सभी ठेकों की नीलामी एक ही चरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। इस प्रक्रिया में बोलीदाताओं की ओर से जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जिससे नीलामी पूरी तरह प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी रही।
प्रशासन के अनुसार, इन ठेकों का आरक्षित मूल्य ₹453.05 करोड़ निर्धारित किया गया था, जबकि बोली प्रक्रिया के दौरान कुल ₹563.78 करोड़ की बोलियां प्राप्त हुईं। यह राशि आरक्षित मूल्य से ₹110.73 करोड़ अधिक है, जो लगभग 24.44 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। यह उपलब्धि न केवल वित्तीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि व्यापारिक समुदाय को चंडीगढ़ प्रशासन की आबकारी नीतियों पर मजबूत भरोसा है।
आबकारी विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,000 करोड़ का महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य तय किया है। शुरुआती आंकड़े भी विभाग के लिए उत्साहजनक रहे हैं। 31 मई 2026 तक आबकारी राजस्व संग्रह ₹199.78 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो वार्षिक लक्ष्य का लगभग 20 प्रतिशत है। पहले दो महीनों में ही यह प्रदर्शन विभाग की प्रभावी नीति, मजबूत निगरानी और बेहतर राजस्व वसूली व्यवस्था को दर्शाता है।
नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तरीके से संचालित किया गया, जिससे अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सकी। अधिकारियों का मानना है कि इस बढ़े हुए राजस्व से चंडीगढ़ में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक गति मिलेगी।
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि चंडीगढ़ के उपायुक्त श्री निशांत यादव, आईएएस, के नेतृत्व और आबकारी कलेक्टर श्री प्रद्युमन सिंह, एचसीएस, के पर्यवेक्षण में संभव हो सकी। उनकी प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता पर जोर देने वाली नीति ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई।
प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि भविष्य में भी इसी तरह पारदर्शिता, जवाबदेही और जिम्मेदार व्यापारिक माहौल को बढ़ावा दिया जाएगा।
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