इमारत मालिकों को जवाब देने और या तो मरम्मत कार्य कराने या स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के लिए एक महीने का समय मिलेगा।
इमारत मालिकों को जवाब देने और या तो मरम्मत कार्य कराने या स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के लिए एक महीने का समय मिलेगा।
खबर खास | चंडीगढ़
चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर भर में पुरानी और ढांचागत रूप से कमजोर इमारतों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में इमारत ढहने से जुड़ी कई घटनाओं के बाद, डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें असुरक्षित चिन्हित की गई 131 इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
इमारत मालिकों को नोटिस मिलने के एक महीने के भीतर अपना जवाब दाखिल करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने जर्जर ढांचे में किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले ही निवारक कार्रवाई करने का फैसला किया है।
नोटिस के बाद मालिकों के पास दो विकल्प होंगे। वे आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा कार्य करवाकर एस्टेट ऑफिस में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकते हैं। अथवा, वे किसी योग्य विशेषज्ञ से स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराकर इमारत की स्थिरता का आकलन और किसी भी गंभीर संरचनात्मक कमी की पहचान करा सकते हैं।
एस्टेट ऑफिस की सूची के अनुसार, सबसे अधिक 15 असुरक्षित इमारतें सेक्टर 22 में पाई गई हैं। इसके बाद इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 में 13, इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 में 10 और सेक्टर 20 में आठ इमारतें हैं। सेक्टर 19 में छह इमारतों की पहचान की गई है, जबकि सेक्टर 17, 32 और 37 में पांच-पांच इमारतें हैं।
सेक्टर 8, 18 और 21 में चार-चार असुरक्षित इमारतें हैं, जबकि सेक्टर 11 और 24 में भी चार-चार इमारतों को सूचीबद्ध किया गया है। सेक्टर 15, 28 और मनीमाजरा में तीन-तीन इमारतों की पहचान की गई है। सेक्टर 16 में दो हैं, जबकि कई अन्य सेक्टरों में एक-एक असुरक्षित इमारत चिन्हित की गई है।
यह मुद्दा सेक्टर 17 स्थित एसेमियो-6 और 7 (Esemio-6 & 7) के बेसमेंट में दीवार गिरने के बाद और अधिक चर्चा में आया। अधिकारियों ने मंगलवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए साइट का दौरा किया और इमारत मालिकों को स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि बेसमेंट के आसपास मरम्मत का काम पूरा होने तक इमारत का संचालन न किया जाए। सुरक्षा संबंधी उपाय विशेषज्ञ ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तय किए जाएंगे।
131 इमारतों के मालिकों से जवाब और सुरक्षा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रशासन हर मामले की समीक्षा करेगा। जिन इमारतों में मरम्मत के जरिए समस्याओं को ठीक किया जा सकता है, उनमें आवश्यक सुधार कराना अनिवार्य होगा। जिन मामलों में गंभीर ढांचागत खामियां पाई जाएंगी, उन पर विशेषज्ञ मूल्यांकन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कदम का उद्देश्य चंडीगढ़ में जर्जर और ढांचागत रूप से असुरक्षित इमारतों के कारण होने वाले हादसों के जोखिम को कम करना है।
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