सीयू पंजाब के 100 से अधिक शोधार्थियों ने रिसर्च फेस्ट 2026 में अपने शोध के सामाजिक प्रभाव को प्रस्तुत किया
सीयू पंजाब के 100 से अधिक शोधार्थियों ने रिसर्च फेस्ट 2026 में अपने शोध के सामाजिक प्रभाव को प्रस्तुत किया
खबर खास, बठिंडा-
समाज से जुड़े शोध को बढ़ावा देने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू पंजाब), बठिंडा में बीआईआरएसी समर्थित ई-युवा केंद्र का उद्घाटन समारोह तथा डीएसटी-परस के तत्वावधान में “रिसर्च फेस्ट” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने मुख्य अतिथि प्रो. रतन गुप्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स बठिंडा के साथ ई-युवा केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, वरिष्ठ संकाय सदस्य एवं ई-युवा केंद्र के कर्मचारी उपस्थित रहे। डीन इंचार्ज अकादमिक प्रो. रामकृष्ण वुसिरिका ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ई-युवा पहल छात्रों में नवाचार एवं शोध-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रो. मोनिशा धीमान, निदेशक आईक्यूएसी एवं समन्वयक, ई-युवा केंद्र ने केंद्र के उद्देश्यों, फेलोशिप अवसरों तथा डीबीटी-बीआईआरएसी पहल के अंतर्गत विकसित अधोसंरचना का विस्तृत परिचय दिया। अतिथियों ने केंद्र की सेल कल्चर सुविधा, बायोसेफ्टी कैबिनेट तथा मॉलिक्यूलर बायोलॉजी प्रयोगशालाओं का अवलोकन भी किया।
इसके पश्चात अतिथियों ने रिसर्च फेस्ट 2026 का निरीक्षण किया, जहां 25 से अधिक शोध समूहों में 100 से अधिक शोधार्थियों ने पोस्टर एवं प्रदर्शनों के माध्यम से अपने शोध कार्यों एवं उनके सामाजिक प्रभाव को प्रस्तुत किया। शोध गतिविधियों में पर्यावरण विज्ञान, कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, जैव-चिकित्सा विज्ञान, अभियांत्रिकी तथा सामाजिक विज्ञान जैसे विविध क्षेत्र शामिल रहे। प्रमुख विषयों में जलवायु परिवर्तन, भूजल संरक्षण, एल्गल बायोटेक्नोलॉजी, कैंसर अनुसंधान, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, फेज थेरेपी, डीएनए क्षति मरम्मत तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता शामिल रहे। इसके साथ ही मल्टीओमिक्स तकनीकों तथा सतत कृषि पद्धतियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। बीएफजीआई, गुरु काशी विश्वविद्यालय, एसएसडी गर्ल्स कॉलेज सहित विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों तथा मालवा क्षेत्र के विद्यार्थियों ने फेस्ट का दौरा किया और सामाजिक समस्याओं के समाधान हेतु शोध-आधारित दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा ली।
मुख्य अतिथि प्रो. रतन गुप्ता ने ई-युवा केंद्र की स्थापना के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें युवा शोधकर्ताओं में नवाचार एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करती हैं तथा समाजोन्मुखी शोध को नई दिशा देती हैं।
कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों के समाधान हेतु आलोचनात्मक सोच एवं नवाचार को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने ई-युवा केंद्र के साथ-साथ निधि आई-टीबीआई इन्क्यूबेशन सेंटर (सीयूपीआरडीएफ) और एआईसीटीई आइडिया लैब की स्थापना कर स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने तथा युवाओं में उद्यमशील संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रिसर्च फेस्ट अंतर-विषयक शोध एवं उसके सामाजिक प्रभाव को प्रदर्शित करने का एक प्रभावी मंच है।
समापन सत्र में सत्येंद्र एस. चौधरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर (टीबीआई), आईआईएसईआर मोहाली ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा ई-युवा केंद्र की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. अंजना मुंशी, निदेशक (आरएंडडी) के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने डीएसटी-परस परियोजना के उद्देश्यों एवं गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन प्रो. विनोद पाठानिया एवं प्रो. राज कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0