शनिवार को प्रदर्शन के दौरान गुरुद्वारे में दिल्ली पुलिस के कथित प्रवेश पर पंजाब के मुख्यमंत्री ने जताई कड़ी नाराजगी; कहा- जरूरतमंदों को शरण देना गुरु घर की परंपरा
शनिवार को प्रदर्शन के दौरान गुरुद्वारे में दिल्ली पुलिस के कथित प्रवेश पर पंजाब के मुख्यमंत्री ने जताई कड़ी नाराजगी; कहा- जरूरतमंदों को शरण देना गुरु घर की परंपरा
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों के कथित प्रवेश की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस कथित कार्रवाई के लिए भारतीय जनता पार्टी को सिख समुदाय माफ नहीं करेगा।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारों की ऐतिहासिक परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे हमेशा जरूरतमंदों और संकट में फंसे लोगों को शरण देते आए हैं। मान के अनुसार, यदि प्रदर्शन कर रहे युवा गुरुद्वारे में पहुंचे थे, तो गुरु घर की परंपरा के मुताबिक सेवादारों का कर्तव्य था कि वे उन्हें शरण और सुरक्षा प्रदान करें।
गुरुद्वारे में पुलिस के कथित आचरण पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के जवान बिना सिर ढके और जूते पहनकर गुरुद्वारे में दाखिल हुए। उन्होंने इसे धार्मिक मर्यादा और सिख धार्मिक स्थल की पवित्रता के खिलाफ बताया। मान ने इस कथित घटना को शर्मनाक करार देते हुए पुलिस के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे सिख समुदाय के लिए गहरी आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्ता रखते हैं। इन धार्मिक स्थलों की पहचान जरूरतमंदों की मदद करने और बिना किसी भेदभाव के लोगों को सहारा देने की परंपरा से जुड़ी है। ऐसे में धार्मिक स्थलों की मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सामने आई है। उन्होंने विशेष रूप से गुरुद्वारे के भीतर धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं किए जाने के आरोप पर नाराजगी जताई।
सिख समुदाय की भावनाएं आहत होने का मुद्दा उठाया
भगवंत मान ने अपने बयान में कहा कि कथित घटना के लिए सिख समुदाय भाजपा को माफ नहीं करेगा। उनके इस बयान से मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विवाद में प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार और धार्मिक स्थलों के सम्मान का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर पूजा स्थलों की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया। गुरुद्वारे ऐतिहासिक रूप से कठिन परिस्थितियों में लोगों को आश्रय, भोजन और सहायता उपलब्ध कराने के लिए जाने जाते हैं।
फिलहाल, उपलब्ध बयान में गुरुद्वारे में पुलिस के कथित प्रवेश की परिस्थितियों और इस मामले पर दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया का विस्तृत उल्लेख नहीं है। घटना को लेकर मुख्यमंत्री के आरोपों ने धार्मिक भावनाओं, पुलिस की कार्यप्रणाली और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से जुड़ी बहस को तेज कर दिया है।
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