21 स्वर्ण के साथ भारत ने लगातार शीर्ष पांच में बनाई जगह; आखिरी दो दिनों में 11 गोल्ड जीतकर पदक तालिका में की शानदार वापसी
21 स्वर्ण के साथ भारत ने लगातार शीर्ष पांच में बनाई जगह; आखिरी दो दिनों में 11 गोल्ड जीतकर पदक तालिका में की शानदार वापसी
खबर खास | स्पोर्ट्स डेस्क
आइची-नागोया एशियन गेम्स का समापन हो गया है। 16 दिनों तक चले खेलों में भारतीय दल ने 21 स्वर्ण समेत कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत के खाते में 27 रजत और 37 कांस्य पदक भी आए। पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारत के अभियान का शानदार अंत किया।
पुरुष हॉकी की जीत के साथ अभियान का समापन
भारत के लिए आखिरी दिन सबसे बड़ी सफलता पुरुष हॉकी टीम ने हासिल की। फाइनल में भारतीय टीम ने मलेशिया को एकतरफा अंदाज में 5-1 से हराकर स्वर्ण अपने नाम किया। इस जीत से भारत के कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 21 पहुंच गई। भारतीय पुरुष हॉकी टीम की इस जीत ने पदक तालिका में देश की स्थिति को चौथे स्थान पर मजबूत किया।
आखिरी दो दिनों में बदली पदक तालिका
भारतीय दल के लिए प्रतियोगिता का शुरुआती हिस्सा अपेक्षाकृत धीमा रहा, लेकिन अंतिम चरण में खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गुरुवार तक भारत के पास केवल 10 स्वर्ण पदक थे और टीम शीर्ष 10 से बाहर थी। इसके बाद आखिरी दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदक जीतकर अपनी स्थिति में बड़ा सुधार किया। हॉकी, क्रिकेट, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती ने इस वापसी में अहम योगदान दिया।
2022 के प्रदर्शन से पीछे रहा भारत
इस बार भारत ने 85 पदक जीते, लेकिन यह प्रदर्शन पिछले एशियन गेम्स के रिकॉर्ड से कम रहा। हांगझोउ में भारतीय दल ने 106 पदक हासिल किए थे, जिनमें 28 स्वर्ण शामिल थे। इस बार भारत के कुल पदक सात कम स्वर्ण के साथ 21 और कुल संख्या में 21 पदक पीछे रही। इसके बावजूद भारत ने लगातार एक और एशियन गेम्स में शीर्ष पांच में जगह बनाई।
शूटिंग और एथलेटिक्स से सबसे ज्यादा पदक
भारत के पदक अभियान में एथलेटिक्स और शूटिंग का बड़ा योगदान रहा। एथलेटिक्स में भारत ने 24 पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण, नौ रजत और 14 कांस्य शामिल रहे। शूटिंग में भारत के खाते में 15 पदक आए, जिसमें तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। तीरंदाजी ने भी नौ पदकों के साथ मजबूत प्रदर्शन किया।
महिला और पुरुष हॉकी दोनों ने जीता गोल्ड
भारत के लिए हॉकी में इस बार खास उपलब्धि रही। महिला और पुरुष दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पदक सूची के अनुसार महिला हॉकी टीम ने स्वर्ण जीतने के बाद पुरुष टीम ने भी फाइनल में मलेशिया को हराकर गोल्ड हासिल किया। इस तरह हॉकी से भारत को दो स्वर्ण मिले।
समापन समारोह में नीरू धांडा बनीं ध्वजवाहक
एशियन गेम्स के समापन समारोह में निशानेबाज नीरू धांडा भारतीय दल की महिला ध्वजवाहक बनीं। नीरू ने इन खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया था। उनके प्रदर्शन के बाद उन्हें समापन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करने का अवसर मिला।
अगला एशियन गेम्स 2030 में दोहा में
आइची-नागोया में खेलों के समापन के साथ अगली मेजबानी कतर को सौंप दी गई। वर्ष 2030 में एशियन गेम्स का आयोजन दोहा में होगा। समापन समारोह के दौरान मेजबानी का औपचारिक हस्तांतरण किया गया, जिसके बाद 16 दिनों तक चले एशियाई खेलों का समापन हो गया।
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