रायकोट-जगरांव रोड पर बस्सियां के पास देर रात हुआ हादसा, मृतक वित्त मंत्री हरपाल चीमा के करीबी बताए जा रहे; खतरनाक मोड़ पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवाल
रायकोट-जगरांव रोड पर बस्सियां के पास देर रात हुआ हादसा, मृतक वित्त मंत्री हरपाल चीमा के करीबी बताए जा रहे; खतरनाक मोड़ पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवाल
पंजाब के रायकोट-जगरांव रोड पर बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में आम आदमी पार्टी से जुड़े तीन कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। बस्सियां गांव के पास करीब सवा एक बजे तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानी से भरे तालाब में जा गिरी। हादसे के समय कार में पांच लोग सवार थे, जिनमें से तीन की जान चली गई, जबकि दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मृतकों की पहचान बलकार सिंह, विशाल और संदीप के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के करीबी सहयोगियों में शामिल थे। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस तथा राहत दल मौके पर पहुंच गए।
जानकारी के मुताबिक, पांचों लोग नकोदर से कार में सवार होकर दिड़बा क्षेत्र की ओर लौट रहे थे। बस्सियां के पास सड़क के एक मोड़ पर तेज रफ्तार कार अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क किनारे स्थित पानी से भरे तालाब में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
रेस्क्यू अभियान के दौरान तीन लोगों को कार से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, दो अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल जगरांव में रखवा दिया है। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और मोड़ पर वाहन का नियंत्रण बिगड़ना बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हादसे के बाद रायकोट-जगरांव रोड पर बस्सियां के पास सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर कार तालाब में गिरी, वहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, इस दुर्घटना संभावित स्थान को लेकर प्रशासन और सरकार से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नहीं किए गए।
ग्रामीणों ने सड़क के खतरनाक मोड़ पर पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, रोशनी और तालाब के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाते तो संभव है कि इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।
देर रात हुए इस हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना संभावित इस स्थान का तत्काल निरीक्षण कराकर वहां पुख्ता सड़क सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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January 18, 2026
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