मानसून सत्र के अंतिम दिन सरकार पेश करेगी अहम बिल, कांग्रेस ने कहा—एक दिन में कैसे होगी गंभीर चर्चा? सदन में हंगामे के आसार
मानसून सत्र के अंतिम दिन सरकार पेश करेगी अहम बिल, कांग्रेस ने कहा—एक दिन में कैसे होगी गंभीर चर्चा? सदन में हंगामे के आसार
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन सोमवार की कार्यवाही शुरू हो गई है। सरकार की ओर से आज करीब नौ महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाने की तैयारी है। वहीं, विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा के लिए समय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और सत्र की अवधि कुछ दिन बढ़ाने की मांग की।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार पर जल्दबाजी में विधेयक लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए सदस्यों को पर्याप्त समय मिलना चाहिए। बाजवा के मुताबिक, नौ विधेयकों को एक ही दिन में लाना उचित नहीं है और सदन की कार्यवाही को कुछ और दिनों के लिए बढ़ाया जाना चाहिए।
बाजवा ने कहा कि अगर विधेयकों पर गंभीरता से चर्चा करनी है तो सदस्यों को उन्हें पढ़ने और उनके प्रावधानों को समझने का समय मिलना जरूरी है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने भी कहा कि विधेयक सदन में पेश किए जाने से करीब 15 दिन पहले सदस्यों को उपलब्ध करा दिए जाने चाहिए थे।
‘एक दिन में चर्चा संभव नहीं’, कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने भी विधानसभा अध्यक्ष से सत्र का समय बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक दिन में इतने महत्वपूर्ण विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा करना संभव नहीं है। उनका कहना है कि इन प्रस्तावित कानूनों का सीधा असर आम लोगों, कर्मचारियों, शिक्षा और राज्य की व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ सकता है, इसलिए इन पर विस्तृत चर्चा जरूरी है।
विपक्ष की मांग के बीच सदन में आज हंगामे के आसार भी बने हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जल्दबाजी में विधेयक पारित करने के बजाय सरकार को सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देना चाहिए।
इन अहम विधेयकों को सदन में लाने की तैयारी
सरकार की ओर से क्लाउड यूनिवर्सिटी होशियारपुर विधेयक-2026, एमएस डिजिटल यूनिवर्सिटी पटियाला विधेयक-2026 और फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी पटियाला विधेयक-2026 समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जा सकते हैं।
इसके अलावा पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक-2026 भी सदन में लाए जाने की संभावना है। इसके जरिए राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए गठित विशेष प्रयोजन वाहन यानी एसपीवी की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने का प्रावधान किया जा सकता है।
पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026 में बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट से संबंधित प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत पूर्व समझौते की शर्त के बिना क्रेडिट नोट जारी कर आपूर्ति की कीमत से ऐसी छूट को बाहर रखने की अनुमति देने का प्रावधान किया जा सकता है।
वहीं, पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026 के जरिए जोखिम वाली श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों को तीन साल की सेवा पूरी करने के बाद सीधे अनुबंध पर लाने की व्यवस्था का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही पंचायती राज संशोधन विधेयक-2026 और बिना सहायता वाले निजी स्कूलों में फीस से जुड़े विधेयक को भी सदन में पेश किए जाने की संभावना है।
आखिरी दिन होने से बढ़ी विपक्ष की चिंता
कांग्रेस का कहना है कि सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र की आखिरी कार्यवाही होने की स्थिति में इतने महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत और गंभीर चर्चा करना मुश्किल होगा। विपक्ष चाहता है कि सदन की अवधि कुछ और दिनों तक बढ़ाई जाए, ताकि विधायक सभी प्रस्तावित कानूनों के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा कर सकें।
अब नजर इस बात पर है कि सरकार विपक्ष की सत्र बढ़ाने की मांग पर क्या रुख अपनाती है और नौ विधेयकों को लेकर सदन में किस तरह की चर्चा होती है। अंतिम दिन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार बने हुए हैं।
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