7 सितंबर तक दिन-रात चलेगा धरना, पानी, कर्ज माफी और गन्ने के भुगतान समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे किसान; ट्रैफिक रूट डायवर्ट
7 सितंबर तक दिन-रात चलेगा धरना, पानी, कर्ज माफी और गन्ने के भुगतान समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे किसान; ट्रैफिक रूट डायवर्ट
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर किसानों ने पानी, कर्ज माफी और कृषि से जुड़े कई मुद्दों को लेकर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पक्का मोर्चा शुरू कर दिया है। यह धरना 7 सितंबर तक दिन-रात जारी रहेगा। सोमवार शाम से ही विभिन्न किसान जत्थेबंदियां फेज-11 स्थित चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पहुंचने लगी थीं और मंगलवार सुबह तक बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर डट गए।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि चंडीगढ़ बॉर्डर पर एसकेएम का यह पहला बड़ा प्रदर्शन है। सात दिवसीय मोर्चे के दौरान किसानों की मांगों और पंजाब व केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों पर रोजाना चर्चा की जाएगी। किसानों की प्रमुख मांगों में पानी से संबंधित पुराने समझौतों को रद्द करना, गन्ना किसानों को उचित और समय पर भुगतान दिलाना तथा किसानों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों का समाधान शामिल है।
किसानों ने गोल्फ क्लब से लेकर 47/48 लाइट प्वाइंट तक सड़क के एक हिस्से को धरने के लिए घेर लिया है। प्रशासन की सहमति से सड़क का दूसरा हिस्सा आम लोगों की आवाजाही के लिए खुला रखा गया है, ताकि चंडीगढ़ और मोहाली के बीच यातायात पूरी तरह प्रभावित न हो। 47/48 लाइट प्वाइंट पर किसानों ने अपना मंच भी तैयार कर लिया है, जहां आने वाले दिनों में विभिन्न किसान नेता संबोधित करेंगे।
किसानों के धरने के कारण इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ट्रिब्यून चौक की तरफ से आइसर चौक आने वाला रास्ता खुला रखा गया है और दोनों तरफ का यातायात इसी मार्ग से निकाला जा रहा है। मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले वाहन चालकों को आइसर चौक से सीपी मॉल की ओर डायवर्ट किया गया है। वहीं, फेज-11 और आसपास की अंदरूनी सड़कों से आने वाले वाहनों को गोल्फ क्लब से जगतपुरा रोड के रास्ते चंडीगढ़ की ओर भेजा जा रहा है।
किसान संगठनों ने इस लंबे धरने के लिए पूरी तैयारी की है। कई जत्थेबंदियां अपने साथ करीब दो महीने का राशन लेकर पहुंची हैं। धरना स्थल पर किसानों और पहुंच रही संगत के लिए लंगर की व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है। गैस सिलेंडरों से भरी ट्रालियां भी मौके पर पहुंच चुकी हैं।
बीकेयू राजेवाल के जिला महासचिव लखविंदर सिंह ने कहा कि सात दिवसीय धरने में पंजाब और केंद्र सरकार से संबंधित कई मांगें उठाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2020 के दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा मानी गई कई मांगें अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हुई हैं। संगठन की ओर से जिला प्रधान कृपाल सिंह सैहौदी की अगुवाई में लंगर सेवा भी शुरू की गई है।
बीकेयू राजेवाल के मोहाली ब्लॉक प्रधान जसविंदर सिंह संधू ने बताया कि पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से करीब 500 ट्रालियां पहुंचने की उम्मीद है। अन्य किसान संगठनों ने भी मोर्चे को अपना समर्थन दिया है। कई जत्थेबंदियां सोमवार रात ही धरना स्थल पर पहुंच गई थीं, जबकि बाकी जत्थेबंदियों के मंगलवार दोपहर तक पहुंचने की उम्मीद थी।
किसान नेताओं ने बिजली संशोधन बिल, बीज संशोधन बिल और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। किसानों ने भारत-अमेरिका के प्रस्तावित फ्री ट्रेड समझौते का भी विरोध किया। उनका कहना है कि ऐसे समझौतों का सीधा असर देश के कृषि क्षेत्र और किसानों की आय पर पड़ सकता है। नेताओं ने मांग की कि दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान जिन मांगों पर सरकार ने सहमति जताई थी, उन्हें पूरी तरह लागू किया जाए।
किसान नेता जसविंदर सिंह संधू ने कहा कि प्रशासन की सहमति से सड़क का केवल एक हिस्सा धरने के लिए लिया गया है, जबकि दूसरा हिस्सा आम लोगों के लिए खुला रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसान आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते। उनका आंदोलन सरकारों की नीतियों के खिलाफ है, लोगों के खिलाफ नहीं।
धरने के दौरान बारिश की संभावना को लेकर भी किसान तैयार हैं। किसान हरदीप बैदवान ने कहा कि गर्मी के बीच बारिश होने से राहत मिलेगी। किसानों ने अपने साथ तिरपाल भी रखे हैं, ताकि बारिश होने की स्थिति में भी मोर्चा लगातार जारी रखा जा सके। किसानों का कहना है कि सात दिनों तक दिन-रात धरना इसी स्थान पर जारी रहेगा।
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