इलाज के खर्च के कारण कोई परिवार परेशान न हो, मान सरकार घर-घर पहुंचा रही स्वास्थ्य की गारंटी: डॉ. बलबीर सिंह
इलाज के खर्च के कारण कोई परिवार परेशान न हो, मान सरकार घर-घर पहुंचा रही स्वास्थ्य की गारंटी: डॉ. बलबीर सिंह
खबर खास, चंडीगढ़ :
स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम पंक्ति तक पहुंच को और मज़बूत करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए अपने व्यापक आशा कार्यकर्ता नेटवर्क को सक्रिय किया है। इस अभियान के तहत 19,000 से अधिक आशा कार्यकर्ता और 900 सहायक पंजाब के गांवों में पंजीकरण को गति दे रहे हैं।
आशा कार्यकर्ता इस योजना की पहुंच को ज़मीनी स्तर तक विस्तारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रत्येक कार्यकर्ता को लगभग 1,000 लोगों और करीब 250 परिवारों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है, जहां वे घर-घर जाकर जागरूकता फैला रहे हैं और परिवारों को सेवा केंद्रों तथा कॉमन सर्विस सेंटरों में पंजीकरण के लिए सहयोग प्रदान कर रहे हैं। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में यह सुनिश्चित कर रही है कि योजना की जानकारी सीधे हर घर तक पहुंचे और पंजीकरण एवं सत्यापन की प्रक्रिया बिना किसी भ्रम या देरी के सुचारु रूप से पूरी हो सके।
ज़मीनी स्तर पर किए जा रहे इस निरंतर प्रयास का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पिछले 20 दिनों में ही आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगभग 10 लाख पंजीकरण किए गए हैं, जिससे पूरे पंजाब में स्वास्थ्य कवरेज का दायरा तेज़ी से बढ़ा है। इस गति को बनाए रखने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को सफल पंजीकरण पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे जवाबदेही और निरंतर कार्य सुनिश्चित हो सके।
इस पहल के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए, पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह जी ने कहा, “मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में कोई भी परिवार इलाज के खर्च के कारण परेशान नहीं होना चाहिए। हमारे आशा कार्यकर्ता इस भरोसे को लोगों के घर तक पहुंचा रहे हैं, ताकि हर परिवार योजना से अवगत हो और आसानी से पंजीकरण कर सके। यह केवल कागज़ों तक सीमित योजना नहीं है, बल्कि एक ऐसी गारंटी है जिसे हम हर घर तक पहुंचा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री सेहत योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 50,000 लोग पंजीकरण कर रहे हैं और अब तक 35 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। लुधियाना, पटियाला और जालंधर जैसे जिले पंजीकरण के मामले में अग्रणी बने हुए हैं, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।
पंजीकरण के साथ-साथ योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं भी तेज़ी से प्रदान की जा रही हैं। अब तक ₹300 करोड़ से अधिक की कुल लागत वाले 2 लाख से अधिक उपचार किए जा चुके हैं, जिनमें 40,000 से अधिक सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं। इन उपचारों में हृदय रोग, डायलिसिस, अस्थि शल्य चिकित्सा (आर्थोपेडिक्स), कैंसर उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। योजना के विस्तार के लिए पंजाब बजट 2026–27 में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
शिविरों, सेवा केंद्रों और घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से पंजाब सरकार लगातार लोगों को प्रेरित कर रही है कि वे अपना सेहत कार्ड बनवाएं और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ उठाएं।
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November 13, 2024
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