राजस्व मंत्री मुंडियां द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश जारी
राजस्व मंत्री मुंडियां द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश जारी
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा “तकसीम योजना” की घोषणा के बाद राजस्व विभाग ने पारिवारिक भूमि के विभाजन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री स हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि राज्य भर में पारिवारिक भूमि विभाजन के मामलों के पारदर्शी, एकरूप और समयबद्ध निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए सभी डिप्टी कमिश्नरों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भूमि मालिक एक विशेष वेबसाइट लिंक (https://jamabandi.punjab.gov.in/RequestForPartition.aspx) के माध्यम से अपनी भूमि विभाजन संबंधी आवेदन सीधे ऑनलाइन भी दाखिल कर सकते हैं, जिस पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
मुंडियां ने कहा कि “तकसीम योजना” का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना, विवादों को कम करना और राजस्व रिकॉर्ड की कार्यक्षमता बढ़ाना है। राजस्व मंत्री ने कहा कि नए दिशानिर्देश एक पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे, जिससे अनावश्यक देरी और लंबे समय से चल रहे विवाद समाप्त होंगे।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सभी राजस्व अधिकारियों को पारिवारिक विभाजन के मामलों पर विचार करते समय निर्धारित प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार की इस नागरिक-हितैषी पहल के तहत पटवारियों को लाभार्थियों तक सक्रिय रूप से पहुंचने और समय पर पारिवारिक विभाजन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पटवारी यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को अपने राजस्व रिकॉर्ड के विभाजन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में पहुंच मार्गों और नहरों/खालों की स्पष्ट निशानदेही करते हुए संबंधित पक्षों से बातचीत कर समाधान निकाला जाए और अंतिम नक्शा तैयार किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जमीनी स्तर पर लोगों में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाए। पटवारी धार्मिक स्थलों से मुनादी करवाकर और गांवों में जागरूकता शिविर लगाकर लोगों को इस योजना के बारे में जानकारी दें।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुकदमेबाजी को कम करने के लिए आपसी सहमति पर आधारित समझौतों को बढ़ावा दिया जा रहा है और ऐसे मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है। मुंडियां ने जोर देते हुए कहा कि हमारा ध्यान आपसी सहमति के माध्यम से विवादों को कम करने और नागरिकों को त्वरित समाधान उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए निगरानी तंत्र भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा, “राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। ये सुधार भूमि विभाजन से संबंधित शिकायतों को काफी हद तक कम करेंगे और सिस्टम में जनता का विश्वास और मजबूत करेंगे।”
उन्होंने बताया कि अक्सर देखा गया है कि कई स्थानों पर लोग आपसी सहमति से भूमि का विभाजन तो कर लेते हैं, लेकिन समय पर इंतकाल (म्यूटेशन) न होने के कारण बाद में पारिवारिक विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 13 अप्रैल (बैसाखी) से एक विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसके तहत आपसी सहमति से विभाजित भूमि का विधिवत इंतकाल किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को इस पहल के बारे में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई व्यक्ति, परिवार या किसान सभी संबंधित पक्षों के हस्ताक्षरित भूमि विभाजन नक्शे को प्रस्तुत करेगा, पटवारी को उसके आधार पर तुरंत इंतकाल दर्ज करना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पटवारी या कानूनगो सभी हिस्सेदारों के साथ बैठकर अलग-अलग भूमि हिस्सों तक पहुंच मार्ग और नहरों/खालों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हुए नक्शा तैयार करेंगे और सभी भागीदारों से उस पर हस्ताक्षर करवाएंगे, जिसके बाद तहसीलदार या नायब तहसीलदार उसके अनुसार इंतकाल को मंजूरी देंगे। पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि आवेदन जमा करने के लिए विभाग की वेबसाइट पर एक समर्पित लिंक उपलब्ध कराया गया है और नागरिकों में अधिक से अधिक जागरूकता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे साप्ताहिक आधार पर प्रगति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और अपने-अपने जिलों में अधिक से अधिक पारिवारिक भूमि विभाजन के मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक पटवारी अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में इस योजना के बारे में मुनादी करवाएगा और जागरूकता शिविर लगाकर अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पटवारियों द्वारा सीधे प्राप्त आवेदन पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, ताकि सही रिकॉर्ड और ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सके। कैबिनेट मंत्री ने नागरिकों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0