उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों के हित में लिया गया है, जो वर्ष 2022 के बाद विभिन्न कारणों से सीईटी परीक्षा आयोजित न हो पाने के कारण आयु सीमा से वंचित हो रहे थे, जबकि वर्ष 2025 में पुनः सीईटी परीक्षा आयोजित की गई है।