आयोग को प्राप्त होने वाले सभी अभ्यावेदन, शिकायतों एवं सुझावों पर विधिवत विचार किया जाता है तथा आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
आयोग को प्राप्त होने वाले सभी अभ्यावेदन, शिकायतों एवं सुझावों पर विधिवत विचार किया जाता है तथा आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा लोक सेवा आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि हाल के दिनों में आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर एक झूठा और भ्रामक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा लोक सेवा आयोग का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत किया गया है तथा आयोग को राज्य सेवाओं में नियुक्तियों हेतु परीक्षाएं आयोजित करने का संवैधानिक दायित्व सौंपा गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि आयोग द्वारा की गई भर्तियां न्यायिक जांच की कसौटी पर खरी उतरी हैं, जो आयोग द्वारा अपनाई गई चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता का प्रमाण है। आयोग को प्राप्त होने वाले सभी अभ्यावेदन, शिकायतों एवं सुझावों पर विधिवत विचार किया जाता है तथा आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, चयन प्रक्रिया से संबंधित समस्त जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षण की गुणवत्ता को लेकर आयोग के माननीय अध्यक्ष से संबंधित जो टिप्पणियां प्रसारित की जा रही हैं, वे पूर्णतः असत्य, निराधार एवं भ्रामक हैं। यह कुछ निहित स्वार्थों द्वारा आयोग की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग शैक्षणिक जगत (अकादमिक समुदाय) को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखता है तथा उनके सक्रिय सहयोग के बिना इतनी व्यापक और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संभव नहीं होती।
प्रवक्ता ने दोहराया कि आयोग द्वारा की गई सभी भर्तियां पूर्णतः मेरिट के आधार पर की गई हैं। यदि किसी भी व्यक्ति को आयोग से संबंधित किसी भी विषय पर कोई शंका या आपत्ति है, तो वे आयोग के सचिव के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि उनकी शिकायतों का समाधान किया जा सके। इससे उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी भी प्राप्त होगी और वे चयन प्रक्रिया को बाधित करने वाले झूठे नैरेटिव से भ्रमित नहीं होंगे।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब के शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए: डॉ. रवजोत सिंह
November 13, 2024
Comments 0