मुख्यमंत्री ने सीपी और एसएसपी को दिए निर्देश राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता
मुख्यमंत्री ने सीपी और एसएसपी को दिए निर्देश राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पुलिस आयुक्तों (सी.पी.) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एस.एस.पी.) को निर्देश दिया कि अपराध और आपराधिक तत्वों के साथ बिल्कुल भी नरमी न बरती जाए और सख्ती से निपटा जाए।
सीपी और एसएसपी के साथ आज वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने ज़ोर दिया कि आने वाले त्यौहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सभी कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान अक्सर शरारती तत्व सक्रिय हो जाते हैं और भीड़भाड़ के कारण भगदड़ व जेबकटी-झपटमारी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही समाज-विरोधी और देश-विरोधी ताकतें भी हालात का फायदा उठाने की फिराक़ में रहती हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर सतर्क और तालमेल के साथ कदम उठाने पर ज़ोर दिया।
मुख्यमंत्री ने यातायात को सुचारू रखने, भीड़ प्रबंधन, आग लगने की घटनाओं से निपटने के पुख़्ता प्रबंध, मेडिकल आपातकाल और आपदा प्रबंधन की तैयारी पर विशेष ज़ोर दिया। कुछ क्षेत्रों में सामाजिक तनाव की हालिया रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने लोगों से सामाजिक सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। भगवंत सिंह मान ने नागरिकों को गुमराह करने वाले प्रचार से सतर्क रहने की सलाह दी और पुलिस आयुक्तों व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि राज्य भर में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से निरंतर संपर्क बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रसारित भड़काऊ सामग्री पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री का उद्देश्य राजनीतिक या साम्प्रदायिक तनाव को भड़काना होता है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर खतरा मंडराता है। मुख्यमंत्री ने सी.पी. और एस.एस.पी. को सोशल मीडिया की बारीकी से निगरानी करने और इस तरह की सामग्री को तुरंत साइबर क्राइम यूनिट्स को कार्रवाई हेतु भेजने का आदेश दिया ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने सामुदायिक पुलिसिंग के महत्व पर ज़ोर देते हुए पुलिस अधिकारियों से अपील की कि छोटे-मोटे मामलों का निपटारा थाने के स्तर पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्यभर में शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए निरंतर अभियान चलाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस दृष्टिकोण से अनावश्यक मुकदमेबाज़ी कम होगी और पुलिस अपनी मुख्य जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित कर पाएगी। इसके लिए सिविल और पुलिस प्रशासन द्वारा एक संस्थागत ढांचा तैयार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने "युद्ध नशों विरुद्ध" अभियान के अंतर्गत पंजाब पुलिस की कोशिशों और गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को शांति, तरक्की और खुशहाली के विरोधी तत्वों से लगातार खतरा बना रहता है। इसलिए पुलिस को हमेशा सतर्क रहना होगा। पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने विश्वास जताया कि पंजाब पुलिस देश-विरोधी ताकतों से प्रभावी ढंग से निपटने की अपनी परंपरा को जारी रखेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डी.जी.पी. गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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