मान ने कहा -पीएम मोदी के कथित ‘मजबूत वैश्विक संबंधों’ का उपयोग अब 140 करोड़ भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए किया जाना चाहिए
मान ने कहा -पीएम मोदी के कथित ‘मजबूत वैश्विक संबंधों’ का उपयोग अब 140 करोड़ भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए किया जाना चाहिए
खबर खास, चंडीगढ़ :
खाड़ी देशों में बढ़ते वैश्विक तनाव और प्रमुख समुद्री मार्गों में रुकावट के कारण बाजारों में उत्पन्न हो रही अस्थिरता के मद्देनज़र पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से निर्णायक कदम उठाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जिम्मेदारी उठाने और देश की आर्थिक तथा ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा के लिए भारत के वैश्विक संबंधों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मौजूदा परिस्थितियां देश को “विश्व चेेला” बनाने का खतरा पैदा कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्रियों के साथ बुलाई गई वर्चुअल बैठक का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति ने दुनिया भर में चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रमुख समुद्री मार्गों में व्यवधान वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहा है। बैठक के दौरान प्रत्येक राज्य ने अपनी चिंताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने आगे कहा कि जहां कुछ राज्य खनन या तटीय व्यापार पर निर्भर हैं, वहीं पंजाब की अर्थव्यवस्था कृषि, उद्योग और इसकी सीमावर्ती स्थिति से गहराई से जुड़ी हुई है।
स्थिति की गंभीरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यही वह समय है जब प्रधानमंत्री को आगे आकर युद्ध रोकने में जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों का उपयोग अब 140 करोड़ भारतीयों के हित में किया जाना चाहिए।
पंजाब की चिंताओं, विशेष रूप से मौजूदा गेहूं खरीद सीजन से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही मंडियों में गेहूं की आवक शुरू होगी, केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पंजाब में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो। ईंधन आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर किसानों, परिवहन और खरीद कार्यों पर पड़ेगा।
मान ने आगे कहा कि हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां यह संकेत दे रही हैं कि हम “विश्व चेेला” बनते जा रहे हैं। यह भारत के लिए अपनी वैश्विक स्थिति को ठोस कार्रवाई में बदलने का समय है, जिससे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तत्काल समन्वित हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को सप्लाई चेन को स्थिर करने, निर्बाध ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने और देश को वैश्विक अस्थिरता के प्रभाव से बचाने के लिए तेजी से कदम उठाने चाहिए।
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