रिपोर्ट कार्ड से आगे बढ़कर वास्तविक फीडबैक तक, शिक्षा क्रांति के तहत पंजाब के स्कूल परिणाम-आधारित शिक्षा मॉडल की ओर बढ़े: हरजोत बैंस कहा, छात्रों की अनुपस्थिति पर अभिभावकों को भेजेगे एसएमएस अलर्ट, सरकारी स्कूलों में जवाबदेही बढ़ेगी
रिपोर्ट कार्ड से आगे बढ़कर वास्तविक फीडबैक तक, शिक्षा क्रांति के तहत पंजाब के स्कूल परिणाम-आधारित शिक्षा मॉडल की ओर बढ़े: हरजोत बैंस कहा, छात्रों की अनुपस्थिति पर अभिभावकों को भेजेगे एसएमएस अलर्ट, सरकारी स्कूलों में जवाबदेही बढ़ेगी
खबर खास, चंडीगढ़ :
“पंजाब शिक्षा क्रांति” अभियान के तहत छात्रों के सीखने के परिणामों को और बेहतर बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों के अंतर्गत पंजाब सरकार द्वारा सभी सरकारी प्राइमरी, मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में राज्य स्तरीय मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित की गई। इस दौरान एक ही दिन में 18 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया।
मेगा पीटीएम के बारे में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सभी सरकारी स्कूलों में “स्टूडेंट एब्सेंट अलर्ट एसएमएस सिस्टम” लागू करने की योजना की जानकारी दी, जिसका उद्देश्य नियमित उपस्थिति बढ़ाना और शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाना है। एसएमएस अलर्ट अभिभावकों को उनके बच्चों की अनुपस्थिति के बारे में सूचित करेंगे। यह कदम जवाबदेही को बढ़ावा देगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा, “अभिभावकों को संरचित दिशा-निर्देशों और संवाद के माध्यम से इस एसएमएस सिस्टम के बारे में जागरूक किया गया। मेगा पीटीएम केवल रिपोर्ट कार्ड वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक बच्चे के समग्र विकास पर विस्तृत फीडबैक प्रदान करती है। स्कूलों ने अभिभावकों के स्वागत के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार किया, प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया और किशोरियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एचपीवी टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया।”
मेगा पीटीएम को राज्य के शिक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए स हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “सभी सरकारी स्कूलों ने इस पूरे दिन को विशेष रूप से अभिभावक-शिक्षक-विद्यार्थी संवाद के लिए समर्पित किया और कक्षाओं को नियमित पढ़ाई से हटाकर सार्थक बातचीत और सहभागिता के केंद्रों में बदल दिया, ताकि एक जवाबदेह और समावेशी सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली विकसित की जा सके।”
उन्होंने कहा कि “पंजाब शिक्षा क्रांति” केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्कूलों और परिवारों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करने का प्रयास है। जब अभिभावक और शिक्षक मिलकर काम करते हैं, तो हर बच्चे को इसका लाभ मिलता है। इस मेगा पीटीएम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में इस साझेदारी को और मजबूत करना है।
उन्होंने आगे कहा, “पीटीएम ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश अभियान को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य किया, जिसमें ‘मिशन समर्थ’, कौशल शिक्षा और अन्य प्रमुख कार्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा की गई।”
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