पीएम मोदी बोले- जेन Z और जेन अल्फा विकसित भारत की नींव, राष्ट्रपति ने 18 राज्यों के बच्चों को किया सम्मानित
पीएम मोदी बोले- जेन Z और जेन अल्फा विकसित भारत की नींव, राष्ट्रपति ने 18 राज्यों के बच्चों को किया सम्मानित
खबर खास ,राष्ट्रीय :
वीर बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के अलग-अलग हिस्सों से चयनित 20 बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया। ये बच्चे 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं, जिन्होंने बहादुरी, समाजसेवा, खेल, नवाचार और प्रेरणादायक कार्यों के जरिए देश का नाम रोशन किया है। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में किया गया, जहां पुरस्कार विजेता बच्चों और उनके परिवारों की मौजूदगी रही।
इस वर्ष पुरस्कार पाने वालों में 14 वर्षीय उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का नाम भी शामिल है। पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए वे दिल्ली में मौजूद हैं, इसी वजह से वे आज विजय हजारे टूर्नामेंट में मणिपुर के खिलाफ होने वाले मैच में हिस्सा नहीं ले पाए। वैभव को खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और अनुशासन के लिए सम्मानित किया गया है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित बच्चों में पंजाब के फिरोजपुर निवासी श्रवण सिंह भी शामिल हैं। श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा पर तैनात जवानों को चाय और नाश्ता उपलब्ध कराकर सेवा और साहस का उदाहरण पेश किया था। उनके इस कार्य को सराहते हुए उन्हें पुरस्कार दिया गया।
इस साल दो बच्चों को मरणोपरांत प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें तमिलनाडु की ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार शामिल हैं। दोनों बच्चों के साहसिक और प्रेरणादायक कार्यों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया। पुरस्कार उनके माता-पिता ने राष्ट्रपति से प्राप्त किए।
पुरस्कार वितरण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी विजेता बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनके अनुभवों को जाना। बच्चों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जेन Z और जेन अल्फा ही देश को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे नई सोच, नवाचार और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जो देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह के चार पुत्रों की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है। गुरु गोविंद सिंह के चार पुत्र अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह को साहिबजादे कहा जाता है। 26 दिसंबर 1705 को मुगल सेना ने चारों साहिबजादों की हत्या कर दी थी। उनकी वीरता और बलिदान को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
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