पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां बोले– ₹2,000 करोड़ से ज्यादा की खेप अटकी, किसानों से लेकर निर्यातकों तक सभी प्रभावित
पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां बोले– ₹2,000 करोड़ से ज्यादा की खेप अटकी, किसानों से लेकर निर्यातकों तक सभी प्रभावित
ख़बर ख़ास, चंडीगढ़ :
पंजाब विधानसभा के स्पीकर एस. कुलतार सिंह संधवां ने बासमती चावल के निर्यात से जुड़े गंभीर संकट पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि ईरान में बढ़ती अनिश्चितता के कारण पंजाब के बासमती चावल निर्यातक भारी दबाव में हैं और उनकी ₹2,000 करोड़ से अधिक मूल्य की खेपें फंसी हुई हैं, जबकि भुगतान भी अटक गया है।
संधवां ने बताया कि ईरान पंजाब के बासमती चावल का एक प्रमुख आयातक देश है। मौजूदा हालात के चलते वहां व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, जिसका सीधा असर भारत, विशेषकर पंजाब के निर्यातकों पर पड़ा है। निर्यात में रुकावट के कारण राज्य की मंडियों में बासमती चावल के दाम भी बुरी तरह गिर गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह संकट केवल निर्यातकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर किसानों, राइस मिल मालिकों और पूरे कृषि आधारित तंत्र पर पड़ रहा है। भुगतान में देरी से कारोबारियों की नकदी व्यवस्था चरमरा गई है और कई छोटे व मध्यम निर्यातक गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
पंजाब विधानसभा स्पीकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और ईरान के साथ व्यापार से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालें। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका दीर्घकालिक नुकसान पंजाब की अर्थव्यवस्था को उठाना पड़ेगा।
संधवां ने केंद्र सरकार से निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए वैकल्पिक भुगतान तंत्र, कूटनीतिक प्रयास और राहत पैकेज पर विचार करने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि बासमती चावल पंजाब की पहचान और किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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