उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व मुख्यमंत्री सहित देशी-विदेशी मेहमानों ने चखा गोहाना की जलेबियों का स्वाद मुख्यमंत्री ने उप-राष्ट्रपति को भेंट किया हरियाणवी लोक कला का प्रतीक सांझी स्मृति चिह्न
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व मुख्यमंत्री सहित देशी-विदेशी मेहमानों ने चखा गोहाना की जलेबियों का स्वाद मुख्यमंत्री ने उप-राष्ट्रपति को भेंट किया हरियाणवी लोक कला का प्रतीक सांझी स्मृति चिह्न
खबर खास, चंडीगढ़ :
39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला 2026 में 'अपणा घर विरासत' सांस्कृतिक प्रदर्शनी का उद्घाटन भारत के उप - राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया। अपणा घर विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी में उप-राष्ट्रपति व मेहमानों का स्वागत लोक पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर किया गया। वहीं, मुख्य चौपाल में गोहाना की विश्व प्रसिद्ध जलेबियों का भी मुख्यातिथि समेत देशी-विदेशी महमानों ने स्वाद चखा।
विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी में पहुंचे सभी मेहमानों ने हरियाणवी लोकजीवन में पुराने समय में प्रयोग किए जाने वाली वस्तुओं जैसे न्यौल, कांटे, घंटियां, ताले, इंढ़ी, लुगदी से बने बोहिये, बीजणे, ताखड़ी, चंगेरी, डायल, जुऐ, ओरणे, हरियाणवी लोक परिधान खारे एवं घाघरे का अवलोकन किया। इस अवसर उप-राष्ट्रपति ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को इस प्रदर्शनी के लिए विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को जोडऩे के लिए यह प्रदर्शनी एक सार्थक पहल है। इस अवसर पर विरासत दि हेरिटेज विलेज के संरक्षक डॉ. महासिंह पूनिया ने सभी मेहमानों को इन विषय-वस्तुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अपणा घर की प्रदर्शनी में जहां एक ओर लोक पारंपरिक विषय - वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है वहीं पर दूसरी ओर हरियाणवी लोक जीवन में प्रयोग की जाने वाली सैकड़ों वर्ष पुरानी विषय - वस्तु पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। यह जानकारी विरासत दि हेरिटेज विलेज के संरक्षक डॉ. महासिंह पूनिया ने दी।
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग हरियाणा की ओर से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मेले में हरियाणा की लोक सांस्कृतिक विरासत के साक्षात् रूप में दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि हरियाणा की पगड़ी का स्टॉल भी युवा पीढ़ी के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र हैं, जिसमें पगड़ी बंधाओ, फोटो खिंचवायो इवेंट का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही हरियाणवी संस्कृति के विविध स्वरूप जिसमें चौपाल, खेती-बाड़ी के प्राचीन औजार, तीन सौ साल पुराने ताले, तेल रखने के लिए प्रयोग किए जाने वाला कूपा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
हरियाणा के सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा स्वयं गोहाना की ताजा जलेबियां लेकर मंच पर पहुंचे और भारत के उपराष्ट्रपति, सैनी, इजिप्ट के एम्बेसडर कामिल जायद गलाल, डिप्टी एम्बेसडर दालिया तांतवे सहित देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों को जलेबी खिलाकर हरियाणा की लोक-संस्कृति और स्वाद की पहचान से रूबरू कराया। जलेबी का स्वाद चखते ही मंच पर मुस्कान और आत्मीयता का माहौल बन गया। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने जलेबी की तारीफ करते हुए कहा, यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
वहीं मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा, गोहाना की जलेबी का स्वाद आज भी वही है, जो इसे पूरे देश में खास बनाता है। डॉ. अरविंद शर्मा ने मंच से संवाद करते हुए कहा कि गोहाना की जलेबी हरियाणा की पहचान बन चुकी है और यह स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों और पारंपरिक हुनर की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा, सूरजकुंड शिल्प मेला ‘लोकल टू ग्लोबल - आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को साकार करता है।
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